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थॉमस बरेल जीवन एक सफलता अनेक

1970 के दशक में अमेरिका में विज्ञापन एजेंसियों की कोई कमी नहीं थी, लेकिन रंगभेद के चलते एक भी अश्वेत विज्ञापन एजेंसी नहीं थी। 18 मार्च 1939 को शिकागो के गरीब इलाके में जन्मे थॉमस बरेल पहले अश्वेत अमेरिकी थे जिन्होंने 1971 में अमेरिका की पहली अश्वेत विज्ञापन एजेंसी स्थापित करके विज्ञापन की दुनिया में करोड़ों डॉलर का व्यवसाय खडा कर दिया।

 

विज्ञापन की दुनिया में जाने का विचार उनके मन में किशोरावस्था से ही था, इसलिए वे एक विज्ञापन एजेंसी में काम करने लगे थे। 1968 तक बरेल ने कॉपीराइटिंग में महारत हासिल कर ली और रेडियो तथा टीवी विज्ञापन तैयार करने लगे। जब उनके बनाए विज्ञापन ग्राहकों को पसंद आये, तो उनके मन में अमेरिका की पहली अश्वेत विज्ञापन एजेंसी खोलने का विचार आया।

 

उस वक़्त अमेरिका में रंगभेद का बोलबाला था, इसलिए इस काम में जोखिम तो था, लेकिन इसी वजह से इसमें अभूतपूर्व सफलता की संभावना भी छिपी थी।

 

थॉमस बरेल ने साहस का परिचय देते हुए अपनी नौकरी छोड़ दी और 1971 में अपनी विज्ञापन एजेंसी शुरू कर दी। शुरुआत में तो उन्हेंन रंगभेद के चलते बहुत संघर्ष करना पड़ा और छः महीने में ही वे दिवालियेपन की कगार पर पहुँच गए, मगर उन्होंने हार नहीं मानी।

 

1972 में बरेल  ने मैकडोनाल्ड्स कंपनी के मैनेजमेंट के पास जाकर बताया कि अमेरिका में अफ्रीकी – अमेरिकी यानी अश्वेत लोगों की संख्या बहुत अधिक हैं और अगर उनके लिए विज्ञापन दिए जाय तो, मैकडोनाल्डस का बिजनेस बहुत बढ़ सकता हैं।

 

अपनी फायदे की बात सुनकर, मैकडोनल्डस के मैनेजमेंट ने उनके सुझाव को स्वीकार कर लिया और बरेल को विज्ञापन तैयार करने का काम दे दिया। बरेल ने विज्ञापन तैयार किया, जो काफी सफल हुआ। इसके बाद तो विज्ञापनों का सिलसिला चल निकला।

 

मैकडोनाल्डस के लिए सैंकड़ों विज्ञापन तैयार करने के अलावा बरेल कोका – कोला, फोर्ड मोटर, जॉनसन एंड जॉनसन, प्रोडक्ट एंड गैम्बल जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए भी विज्ञापन बना चुके हैं।

 

बरेल को उनकी विज्ञापन प्रतिभा के लिए क्लियो अवार्ड भी मिला, जो विज्ञापन की दुनिया का सर्वोच्च पुरस्कार हैं। बरेल का कहना हैं कि दरअसल रंगभेद ने उन्हें उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया।, मैंने महसूस किया कि चाहे मैं 1960 के दशक में जितना भी सफल हो जाऊं, एक सीमा थी, जो मुझे किसी दुसरे की कंपनी का प्रमुख बनने से निश्चित रूप से रोकेगी और अगर मैं सबसे ऊपर पहुँच भी जाऊं, तो भी वह मेरी कंपनी नहीं होगी।

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