Home / स्वर्णिम सिद्धांत / सबसे ज्यादा धोखा खाता है स्वार्थी व्यक्ति

सबसे ज्यादा धोखा खाता है स्वार्थी व्यक्ति

विकास करने का तरीका यह है कि आप दूसरों को दें यह सिद्धांत बहुत आसान लेकिन सशक्त हमेशा लोगों को उनकी उम्मीद से ज्यादा दें, और जो भी आपको एक मील चलने के लिए मजबूर करें उसके साथ दो मिल आगे तक जाएं, लोगों की उम्मीद से ज्यादा दें और ऐसा खुशी-खुशी करें। किसी व्यक्ति के मूल्यांकन का काम से ज्यादा सच्चा पैमाना अगर कोई है तो वह यह है कि वह कितना देता है।

 

यह एक सार्वभौमिक सत्य है: हमें पाने से पहले देना होता है जब आप दूसरों को कुछ देते हैं तो आप को भी लाभ होता है जो व्यक्ति दान के बिज़ बोता है उसे हमेशा भरपूर फसल मिलती है, कुछ पाने के लिए कुछ दें, देने वाले को जितना हासिल होता है उतना लेने वाले को नहीं होता है आप जितना देते हैं, आपको उससे बहुत ज्यादा मिलता है।

 

हम जो आनंद लेते हैं उसे हम ऊब जाते हैं लेकिन हम उस आनंद उसे कभी नहीं ऊबते, जो हम दूसरों को देते हैं. जो व्यक्ति दयालु के बिज़ बोता है उसे लगातार फसल मिलती है, जितनी जरूरत हो उससे ज्यादा उदार बने, उदारता से देना मुश्किल होता है लेकिन जो चीज आप उदारता से देते हैं वह आपस लौट आती है और ज्यादा मात्रा में आती है, जब आप दयालु होते हैं तो आपकी आत्मा को पोषण मिलता है जब आप क्रूर होते हैं तो यह नष्ट हो जाती है।

 

देने का एक बढ़िया तरीका यह है कि आप प्रशंसा को शब्द कहें प्रशंसा शब्दों से मिलने वाली रोशनी है सही शब्द बहुत शक्तिशाली होते हैं इसलिए प्रशंसा के शब्दों में कभी कंजूसी न बरतें, खासतौर पर अपने आसपास के उन लोगों की तारीफ करने में भी कभी ना चुके जो इसके हकदार हो, हर व्यक्ति अपनी तारीफ पसंद करता है लोगों की तारीफ करने के तरीके खोजने में मेहनत करें।

 

आपके द्वारा बोले गए प्रशंसा के शब्द बहुत मूल्यवान होते हैं, लेकिन उन्हें कहने में आपका कुछ भी खर्च नहीं होता है। जो चीज आप दे नहीं सकते आप उसके मालिक भी नहीं होते हैं, सच तो यह है कि वह चीज आपकी मालकिन होती है, याद रखें पाने से ज्यादा सुख देने में है अगर आप स्वार्थी हैं, तो आपने खुद को उत्तर दक्षिण पूरब और पश्चिम सभी दिशाओं में बांधकर सीमित कर लिया है, स्वार्थी व्यक्ति सबसे ज्यादा धोखा खाता है।

 

ईश्वर दाता है और दयालु है उसकी तरह बने और सबका भला करें। तत्काल देने के लिए तैयार रहे. क्योंकि जब आप जल्दी देते हैं तो यह दोगुना देने की तरह देना एक अच्छी आदत बन सकता है।

 

1 डॉलर के बदले में कितना कमाया जा सकता है इसके बजाय जो व्यक्ति अपनी कुशलता और सृजनात्मक कल्पना का उपयोग यह देखने के लिए करता है, वह १ डालर के बदले में कितना ज्यादा दे सकता है उसकी सफलता तय है।

ये भी जरुर पढ़ें:

पुरोहितजी की तपस्या ज्ञान्बर्धक कहानी

राजा कृष्णदेव का प्यारा तोता

सुभाष चंद्र बोस के अनमोल वचन

Mehnat karte hai aur safalta nahi milti, to dhyan rakhe ye jaruri baten

जानकारी खास है, खुद से करें ये 10 वादे, बीमारियां रहेंगी दूर

जानकारी जरूरी है, वायग्रा का इस्तेमाल कितना है खतरनाक

जानकारी जरुरी है, फ़ेसबुक कॉन्टैक्ट नंबर ही नहीं आपके निजी मैसेज भी पढ़ता है!

About admin

आपने कीमती समय देकर ब्लॉग पढ़ा धन्यबाद, ये पोस्ट आपको पसंद आया हो तो शेयर करना न भूले, ताकि इसे ज्यादा से ज्यादा लोग पढ़ें, अपना विचार जरूर लिखे, इससे हमें और ज्यादा अच्छी और लेटेस्ट जानकारियाँ लिखने के लिए प्रेरित करेगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *