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स्टीव जॉब्स के जीवन के कुछ अनसुनी बातें

आप सभी का लेटेस्ट जानकारी में स्वागत है, हमारी कोशिश हमेशा आपके लिए कुछ खास जानकारी देने का होता है, यही सब सोचकर आपके लिए फिर एक महान हस्ती के जीवन के बारे में बताने जा रहे है, ये महान हस्ती का नाम है स्टीव जॉब्स जो किसी पहचान के मोहताज़ …

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सेवा ही मेरा संन्यास हैं – भगवान् महावीर

भगवान् महावीर स्वामी ने सेवा को बहुत ऊंचा स्थान दिया हैं। स्थानांग सूत्र में प्रभु का वचन हैं – अम्लान भाव से सदैव रोगी की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।   सेवा सबसे महान धर्म हैं। सेवा भाव करुणा – पूर्ण ह्रदय का अमृत हैं। सेवा में बाधक किसी …

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विनम्रता हैं अपरिसीम बल – Humility is the unreliable force

विनय को आत्महित का मार्ग बताते हुए भगवान् महावीर स्वामी उत्तराध्ययन सूत्र में फरमाते हैं – जो अपना हित चाहता हैं , उसे अपनी आत्मा को विनय में स्थापित करना चाहिए।   विनम्रता उच्चता की प्रतीक हैं , और अहं नीचता को प्रगट करता हैं। विनम्र सर्वत्र प्रशंसनीय होता हैं। …

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लोभ पाप का बाप है – Greed is the father of sin

महाश्रमण महावीर ने लोभ को सबसे निकृष्ट बताते हुए उत्तराध्ययन सूत्र में फरमाया हैं :- लोभ समस्त सद्गुणों को नष्ट करने वाला हैं। लोभ मनुष्य से उसका धर्म , कर्म और मर्यादा छीन लेता हैं। लोभ के जाल – जंजाल में उलझा व्यक्ति पतन की चरम सीमाओं तक पहुँच जाता …

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झूठा सच या सत्यमय असत्य – ज्ञान से भरपूर हिंदी कहानी

सत्य क्या हैं और असत्य क्या हैं – इस भेद को स्पष्ट आख्यायित करने वाला देवी भागवत का एक सुन्दर श्लोक हैं – वह सत्य नहीं हैं , जिसमें हिंसा भरी हो। यदि दयायुक्त हो तो असत्य भी सत्य ही कहा जाता हैं। जिसमें मनुष्यों का हित होता हैं , …

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प्रार्थना के स्वर – ज्ञान से भरपूर हिंदी कहानी

बृहदारण्यकोपनिषद की एक ख्यात प्रार्थना हैं – मुझे असत्य से सत्य की ओर ले चलो। अन्धकार से प्रकाश की ओर ले चलो। और मृत्यु से अमृत की ओर ले चलो। प्रार्थना विष को छीनकर जीवन में अमृत के द्वार खोल देती हैं। अंधेरों और असत्य को मिटाकर प्रकाश और सत्य …

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जो दे दिया जाता हैं, वही शेष रहता हैं – ज्ञान से भरपूर

आदित्त जातक में नश्वर और अनश्वर का विवेचन करते हुए कहा गया हैं – जलते हुए घर में से व्यक्ति जिस वस्तु को निकाल लेता हैं , वही उसकी होती हैं। न कि वह जो वहाँ जल जाती हैं। इसी प्रकार यह संसार ज़रा और मरण से जल रहा हैं। …

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देहातीत होता हैं साधक – प्रभुवीर

श्रमण के जीवन्मुक्त स्वरुप का वर्णन करते हुए औपपातिक सूत्र में प्रभुवीर का एक वचन हैं – श्रमण जीने की आशा और मरण के भय से विप्रमुक्त होते हैं।   साधक देहातीत होता हैं। जीवन और मृत्यु की घटनाएं देह के धरातल पर ही घटित होती हैं। साधक देह के …

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संतोषम परम सुखम – ज्ञानवर्धक कहानी

तथागत बुद्ध का एक वचन हैं – संतुष्टि परम संपदा हैं।  असंतोष संपदाशाली को भी दरिद्र बना देता हैं , और संतोष निर्धन और अभाव्ग्रस्त को परमसुख के वरदान से भर देता हैं।   एक बार पाटलिपुत्र में भगवान् बुद्ध प्रवचन कर रहे थे। प्रश्नोत्तर चल रहे थे। आनंद ने …

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सत्य परम पुरस्कार हैं – ज्ञानवर्धक कहानी

उपनिषद का एक वचन हैं – सत्यं परं , परं सत्यम। सत्य सर्वोत्कृष्ट है , और जो सर्वोत्कृष्ट हैं , वही सत्य हैं। सत्य से उत्कृष्ट इस विश्व में अन्य कुछ भी नहीं है। सत्य ही परम तप हैं और सत्य ही परम विद्या। सत्य से ओत – प्रोत ह्रदय …

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सत ना छोड़ो रे मना ! – ज्ञानवर्धक कहानी

सत्य  ही तप हैं। सत्य में ही संयम और शेष सभी गुण समाहित हैं। जैसे समुद्र मछलियों का आश्रय – स्थल होता हैं , वैसे ही सत्य सब गुंणों का आश्रय – स्थल हैं। समस्त सद्गुण सत्य में ही निहित हैं। सत्यवान पुरुष पर यदि कभी संकट भी आते हैं …

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क्षुधार्त्त को भजन से पूर्व भोजन चाहिए – ज्ञानवर्धक कहानी

स्थानांग सूत्र में भगवान् महावीर फरमाते हैं – अनाश्रित एवं असहायों को सहयोग और आश्रय देने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए।  असहाय और अनाश्रित के लिए सहारा और आश्रय प्रथम आवश्यकता होता हैं। दुखार्त्त को उपदेश ही नहीं , दुःख निवारण की आवश्यकता होती हैं।   तथागत बुद्ध अपने …

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श्रीकृष्ण पुत्र ढंढण – ज्ञानवर्धक कहानी

महाश्रमण महावीर ने श्रमण – जीवन में आने वाले बाईस परीषहों का वर्णन किया हैं। श्रमण जीवन की ये बाईस परीक्षाएं हैं जिन्हें श्रमण को जीवन में अनेक – अनेक बार उत्तीर्ण करना होता हैं। बाईस परीषहों में एक परीषह हैं – अलाभ परीषह। श्रमण भिक्षाजीवी होता हैं। अतः अनेक …

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उत्तम पुरुषों की संपत्ति – ज्ञानवर्धक कहानी

उत्तम पुरुषों की संपत्ति का वर्णन करने वाला एक सूक्त हैं – कष्टपीड़ितों के कष्ट मिटाना ही उत्तम लोगों की संपत्ति का एकमात्र फल हैं। श्रेष्ठ पुरुष वही है जो स्वयं कष्ट झेल कर भी अन्यों को कष्टमुक्त करते हैं। पर – कष्ट – मुक्ति ही उनकी वास्तविक संपदा होती …

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एक कनक अरु कामिनी – ज्ञानवर्धक कहानी

साधना मार्ग की दुष्करता का वर्णन करते हुए उपनिषदों के ऋषियों ने कहा हैं – साधना का पथ छुरे की तेज धार के समान दुर्लंघ्य एवं दुर्गम हैं। साधना का मूल मंत्र हैं – अपने मन को साध लेना। मन को साधना इस संसार का सबसे कठिन कार्य हैं। इसीलिए …

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लोभपूर्ति के लिए दान – ज्ञानवर्धक कहानी

अथर्ववेद का एक अमूल्य वचन हैं –  सैंकड़ों हाथों से इकट्ठा करो और हजार हाथों से बाँट दो। दान करुणा से निष्पन्न होता हैं। जो दान यश – प्रतिष्ठा या लोभ की भावना से दिया जाता हैं , वह दान नहीं होता हैं। यह तो वासनाओं का विस्तार ही होता …

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ढाई अक्षर प्रेम के – ज्ञानवर्धक कहानी

नारद भक्तिसूक्त में प्रेम के स्वरुप का प्रतिपादन करते हुए कहा गया हैं – प्रेम का स्वरुप अनिर्वन्च्नीय हैं। वह गूंगे के आस्वादन की भांति अकथ्य हैं। प्रेम का फूल जब ह्रदय की धरा पर खिलता हैं तो उसकी सुवास जीवन को समस्त विकृत भावों से मुक्त करके उसमें सम्यक …

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