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Tag Archives: hindi kahani

राज्य के सच्चे हितैषी

एक दिन राजदरबार में इस बात पर बहस हो रही थी कि राज्य की समृद्धि के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति कौन होता हैं ? एक दरबारी ने कहा, राज्य की समृद्धि वहाँ के राजा पर निर्भर करती हैं, दुष्टों को दंड देकर, प्रजा के अधिकारों की रक्षा कर, अंदरूनी अशान्ति …

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मखमली जूती – Hindi Kahani

makhmali juta

दरबार में एक दिन राजा कृष्णदेव और तेनालीराम में इस बात को लेकर बहस छिड़ गयी कि लोग किसी भी बात पर जल्दी ही विश्वास कर लेते हैं और आसानी से बुद्धू बन जाते हैं। राजा कृष्णदेव का कहना था कि लोगों को इतनी आसानी से बेवक़ूफ़ नहीं बनाया जा …

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मकान का दान – Hindi Kahani

एक बार राजा कृष्णदेव ने तेनालीराम को सीख देते हुए समझाया कि प्रभु ने जिनको अधिक संपदा प्रदान की हैं, उनको सदैव गरीबों की मदद करनी चाहिए। गरीब ब्राह्मणों को दान देना चाहिए। जो दूसरों के लिए कुछ नहीं करता, वह मनुष्य कहलाने का अधिकारी नहीं हैं ? तुम भी …

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शत्रु देश का जासूस – Hindi Kahani

राजा कृष्णदेव इन दिनों, रायचूर, बीजापुर और गुलबर्गा पर आक्रमण करने की तैयारी में जुटे थे। इसलिए उन्होंने अपने सेनापति से कहा कि वे सेना के लिए जरूरी आदमी और कोषागार से शीघ्रता से धन की उचित व्यवस्था कर लें ताकि शत्रुओं का सिर पूरी तरह कुचल दिया जाए और …

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किसानों का आथित्य Hindi kahani

राजा कृष्णदेव जब भी कहीं जाते, तेनालीराम को अवश्य अपने साथ ले जाते। बिना तेनाली के वह अपने आप को अधूरा सा समझते थे। उनकी इस बात से अन्य दरबारियों को बड़ी चिढ होती थी। एक दिन कई दरबारियों ने एक साथ मिलकर महाराज से प्रार्थना की, राजन ! कभी …

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नववर्ष का आगमन – हिंदी कहानी

नववर्ष के आगमन पर राजा कृष्णदेव ने अपने दरबार में कहा, नववर्ष होने वाला हैं। मैं चाहता हूँ कि इस वर्ष जनता को कोई नई भेंट दी जाए। आप लोग बताइये, कि वह भेंट क्या हो सकती हैं। राजा कृष्णदेव की यह बात सुनकर सभी उपस्थित जनों में खुसर – …

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कुबड़ा धोबी हिंदी कहानी

एक दिन तेनालीराम के कानों में भनक पड़ी कि एक दुष्ट आदमी साधु का भेष धारण कर लोगों को अपने जाल में फंसाता हैं और उन्हें प्रसाद में धतूरे का बीज खिलाकर लूट लेता हैं। यह काम वह उन लोगों के शत्रुओं के कहने पर धन के लालच में किया …

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ब्राह्मण की भटकती आत्मा

तेनालीराम को महाराज ने मृत्युदंड दिया हैं , यह खबर पूरे राज्य मे आग की तरह फैल गयी। लेकिन यह कोई नहीं जानता था कि तेनालीराम जीवित हैं और अपने घर में सुरक्षित रूप से छिपा हुआ हैं। लोगों में खुसर – फुसर होने लगी – एक छोटे से अपराध …

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सीमा की रक्षा – ज्ञान से भरपूर कहानी

विजयनगर में पिछले कई दिनों से तोड़ – फोड़ की घटनाएं बढ़ती ही जा रही थी। कृष्णदेव राय इन घटनाओं से काफी चिंतित थे। उन्होंने शीघ्र ही परिषद् की बैठक बुलाई  और इन घटनाओं को रोकने के बारे में गहनता से विचार – विमर्श शुरू कर दिया। हमारे पड़ोसी राज्य …

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