Home / Tag Archives: ज्ञानवर्धक कहानियाँ

Tag Archives: ज्ञानवर्धक कहानियाँ

जेफ बेजोस की सफलता की कहानी

लेटेस्ट जानकारी में आप सभी का स्वागत है, आज हमारे पोस्ट में एक ऐसी हस्ती के बारे में जानने वाले है, इस पोस्ट के माध्यम से जिन्होंने ऑनलाइन मार्केटिंग की दुनिया में आज नंबर १ के रूप में जाना जाता है, वो महान हस्ती का नाम है मिस्टर जेफ़ बेजोस …

Read More »

मन की निर्मलता – ज्ञानवर्धक कहानी

केवल शरीर के मैल उतार देने से ही मनुष्य निर्मल नहीं हो जता है। मानसिक मैल का त्याग करने पर ही वह भीतर से निर्मल होता हैं। दैहिक मैल तो साधारण जल से धोया जा सकता हैं। मन का मैल धोने के लिए जप – तप और श्रद्धा की आवश्यकता …

Read More »

धैर्य है सिद्धिदाता

जीवन के साथ हानि – लाभ और सुख – दुःख का अनादिकालीन सम्बन्ध है। सुख और दुःख – इन दोनों अवस्थाओं में ही मनुष्य को धैर्य का अवलंबन ग्रहण करना चाहिए। एक प्राचीन सूक्त में कहां गया है –   विपत्ति काल में भी धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए। धैर्य ही …

Read More »

सच्चे दिल से धर्म की रक्षा करो वो तुम्हारा रक्षा करेगा

प्राचीन भारतीय शास्त्रों का उद्घोष हैं – जो धर्म का नाश करता हैं वह स्वयं विनाश को प्राप्त हो जाता हैं ; और जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।   शुद्ध ह्रदय से, तल्लीनता से जो व्यक्ति धर्माचरण करता है, उसके जीवन में अभय के …

Read More »

मनुष्य का पतनः एक चित्र

परोपकार से ही मनुष्य मनुष्य होता है। जो व्यक्ति परोपकार से शून्य हैं, उसका जीवन धिक्कार है। उससे तो पशु ही श्रेष्ठ है जिनकी चमड़ी भी पराये काम आती हैं। स्वयं के लिए कौन नहीं जीता हैं? जो परोपकार के लिए जीता है, वस्तुतः वही जीवित है।   परोपकारी मनुष्य …

Read More »

सज्जनता की पराकाष्ठा

उपकारी पर सज्जनता रखना सज्जन पुरुष की सज्जनता की कसौटी नहीं हैं। अपकारी पर भी सज्जनता रखना , सद् भाव रखना यही श्रेष्ठ पुरुष का लक्षण है।   हित का हित से उत्तर देना बड़ी बात नहीं है। यह तो जीवन का सहज गुण है। जीवन का श्रेष्ठ गुण तो …

Read More »

गुण – दृष्टि और दोष

गुण और दोष को सम्मुख पाकर गुण पर ही दृष्टि डालना चाहिए , दोषों पर नहीं। गुणों को देखने से शनैः – शनैः मनुष्य में गुण दृष्टि का विकास हो जाता हैं और दोषों को देखने से वह दोष – दृष्टिसंपन्न हो जाता हैं। गुण – दृष्टिसंपन्न के लिए चतुर्दिक …

Read More »