उत्तम मिठाई – ज्ञानवर्धक कहानी

एक दिन कड़ाके की ठण्ड में राजमहल में राजा कृष्णदेव के कक्ष में तेनालीराम और राजपुरोहित बैठे हुए थे। सुबह की गुनगुनाती धुप सेंकते हुए तीनों ही किसी गंभीर विषय पर वार्तालाप कर रहे थे। तभी एकाएक राजा कृष्णदेव ने कहा, जाड़े का मौसम सबसे बढ़िया हैं, इस मौसम में …

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बगीचे की सिंचाई – हिंदी कहानी

एक बार विजयनगर राज्य में भीषण अकाल पड़ गया। चारों और त्राहि – त्राहि मची थी। फसलें सूख गयी थी। हरियाली का कहीं नामो – निशान नहीं था। वर्षा थी कि होने का नाम नहीं ले रही थी। विजयनगर राज्य में तेनालीराम का घर तुंगभद्रा नदी के किनारों पर था। …

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पक्षियों की गिनती – हिंदी कहानी

कभी – कभी राजा कृष्णदेव तेनालीराम को भ्रमित करने के लिए बड़े अजीबो – गरीब प्रश्न पूछ लिया करते थे। एक दिन उन्होंने तेनालीराम से पूछा, विदूषकजी, आप बता सकते हैं कि हमारे राज्य में कुल मिलाकर कितने पक्षी होंगे ? बता तो सकता हूँ, महाराज,लेकिन आपके दरबार में मुझसे …

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बहुरूपिया राजगुरू

विजयनगर राज्य में तेनालीराम की लोकप्रियता से राजगुरू बहुत उद्विग्न थे। हर रोज उन्हें तेनालीराम के कारण शर्मसार होना पड़ता था और नित्यप्रति ही राज दरबार में उनकी हंसी उड़ाई जाती थी। वैसे भी यह दुष्ट कई बार महाराज के मृत्युदंड से भी बच निकला हैं। इससे छुटकारा पाने का …

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सच्चा कलाकार हिंदी कहानी

विजयनगर में राजा कृष्णदेव का दरबार लगा हुआ था। मौसम काफी खुशगवार था। वर्षा रानी की रिमझिम फुहारें पड़ रही थी। यह वातावरण महाराज को बड़ा ही प्रिय लग रहा था। तभी राजा कृष्णदेव ने अपनी इच्छा प्रकट करते हुए कहा, मेरी हार्दिक इच्छा हैं कि इस बार भी हम …

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पुरोहितजी की तपस्या ज्ञान्बर्धक कहानी

एक बार राजा कृष्णदेव के राज्य में बड़ी भयंकर ठण्ड पड़ी। राजदरबार भी इस ठण्ड से अछूता नहीं रहा था सर्वत्र ठण्ड की ही चर्चा हो रही थी। तभी एक पुरोहित ने महाराज को अपनी राय दी, महाराज यदि इन दिनों यज्ञ किया जाए तो उसका परिणाम बड़ा ही फलदायी …

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राजा कृष्णदेव का प्यारा तोता

एक दिन किसी व्यक्ति ने राजा कृष्णदेव को एक तोता भेंटस्वरुप दिया यह तोता बड़ी मीठी वाणी बोलता था और लोगों के प्रश्नों के उत्तर भी देता था। राजा को यह तोता बहुत ही पसंद आया। उन्होंने उसके पालन – पोषण और उसकी रक्षा का भार अपने एक विश्वस्त सेवक …

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