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मैडम सी. जे. वाकर के सफल जीवन

मैडम सी. जे. वॉकर पहली अफ्रीकी – अमेरिकन मिलियनेयर महिला थी। उन्होंने अश्वेत महिलाओं के केशों और सौन्दर्य प्रसाधनों के क्षेत्र में नया काम करके अभूतपूर्व सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि उनसे पहले अमेरिका में बहुत कम अश्वेत महिलाओं ने व्यवसाय करने का जोखिम लिया था। उनका जन्म 23 दिसम्बर 1867 को एक गरीब किसान के घर हुआ था। उनके माता – पिता पूर्व दास थे और दिहाड़ी करके अपना पेट भरते थे।

 

बचपन में ही वे अनाथ हो गयी और उनकी विवाहित बहन ने उन्हें पाला। 14 साल की उम्र में उनका विवाह मैकविलियम्स से कर दिया गया, ताकि उन्हें रहने के लिए घर मिल सके। बचपन की गरीबी और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद वे बाद में मिलियनेयर बनी।

 

उन्होंने अश्वेत महिलाओं के केश एवं त्वचा सौन्दर्य प्रसाधन बनाकर यह सफलता हासिल की। एक पत्रिका ने उनकी सफलता का उल्लेख करते हुए कहा था, उन्होंने करोड़ों लोगों की व्यक्तिगत आदतें और चेहरा – मोहरा बदल डाला।

 

20 वर्ष की उम्र में ही वे विधवा हो गयी और सेंट लुईस में रहने लगी। यहाँ वे अपनी पुत्री के साथ 18 साल तक रही। पहले तो वे लोगों के कपडे धोने का काम करती थी। लेकिन वे जीवन में आगे बढना चाहती थी, कुछ कर दिखाना चाहती थी। वे जानती थी कि शिक्षा के बिना सफल होना मुश्किल हैं, इसलिए रात को कॉलेज जाने लगी।

 

38 वर्ष की उम्र में उनके जीवन में एक नाटकीय मोड़ आया। उन्होंने अश्वेत महिलाओं के बालों को लंबा – चमकीला करने तथा सुन्दर बनाने का एक फार्मूला खोज लिया, जिसे टब में साबुन और ऑइंटमेंट मिलाकर तैयार किया गया था।

 

इसके अलावा उन्होंने रूखे बाल काढने की अच्छी तकनीक भी खोज ली थी। खुद पर और अपने परिवार पर प्रयोग करके उन्होंने अपनी वॉकर तकनीक को आदर्श बनाया। इसमें एक शैम्पू, बाल बढाने वाला तेल . तेजी से ब्रश करना और गर्म लोहे की कई कंघियों का प्रयोग शामिल था।

 

इस तकनीक से बाल चमकीले और नरम हो जाते थे। इसके अलावा उन्होंने अश्वेत महिलाओं के चेहरे को सुन्दर बनाने का भी एक फार्मूला तैयार किया। उन्हें विश्वास था कि उनके इन सौन्दर्य प्रसाधनों में व्यावसायिक सफलता की संभावना हैं। जब एक साल के प्रारम्भिक प्रयोगों में उन्हें सकारात्मक परिणाम मिले तो वे अपने सौन्दर्य प्रसाधनों के व्यापक प्रचार में जुट गयी।

 

पहले तो वे डेनवर में घर घर जाकर अपना सामान बेचती थी। फिर उन्होंने इच्छुक लोगों का एक समूह बनाया, जिसे वे अपना सामान बनाना तथा बेचना सिखाती थी। उन्होंने दक्षिणी तथा पूर्वी इलाकों में इन सामानों के चमत्कार दिखाए और प्रचार – भाषण भी दिए।

 

इसके अलाव उन्होंने डाक से सौन्दर्य प्रसाधन बेचने का समृद्ध व्यवसाय भी शुरू किया। उनका यह अभियान इतना सफल रहा कि 1908 में उन्हें पिट्सबर्ग में दूसरा ऑफिस खोलना पड़ा, जिसे उनकी पुत्री संभालने लगी।

 

1910 में माँ – बेटी अपने दोनों ऑफिस इंडियानापोलिस ले गयी। वहाँ उन्होंने मैडम सी.जे. वॉकर लैबोरेट्रीज की स्थापना की, जहां उनके प्रसाधन बनाए जाते थे और एजेंटो व सौन्दर्य विशेषज्ञों को प्रशिक्षण दिया जाता था।

 

एक वक्त ऐसा भी आया, जब उनके 2000 एजेंट हो गए, जो उनके बनाए 16 प्रोडक्ट बेचते थे। मैडम सी. जे. वॉकर की उपलब्धि यह हैं कि अश्वेत होने के बावजूद वे नया काम करके गरीबी के दलदल से उबरी और अमीरी के पायदान पर चढ़ गयी।

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