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daulat nahi laksh ki jarurat

लोगों को दौलत की नहीं, लक्ष्य की जरूरत

दुनिया लक्ष्य वाले व्यक्ति को आगे निकलने की जगह देती है। ऐसे व्यक्ति की बातों और कामों से साफ जाहिर हो जाता है, की उसे अपना लक्ष्य मालूम है, आपको परस्थितियों पर विजय पाने, समस्याओं को सुलझाने और लक्ष्य हासिल करने के लिए बनाया गया है, अगर जितने के लिए बाधायें न हो, हासिल करने के लिए लक्ष्य ना हो,

 

और साकार करने के लिए स्वपन न हो, तो आपको जिंदगी में  सच्ची संतुष्टि या सुख नहीं मिलेगा। लोग कहते है उन्हें दौलत की जरुरत है, जबकि सच तो ये है की उन्हें लक्ष्य की जरुरत है, सुख तभी मिलता है, जब हम किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए समर्पित हो जाएँ।

 

आपके दिल में एक शेर सो रहा है, किसी उद्देश्य या लक्ष्य को पाने में जुट जाएँ। आपको अपने जीवन की उद्देश्य और दिशा का स्पष्ट एहसास होना चाहिए। सफल लोग बड़े लक्ष्यों से प्रेरित होते है। ईश्वर आपकी योजना को सफल बनाने के लिए मार्गदर्शन तभी दे सकता है, जब आपके पास कोई योजना हो, प्रबल विश्वास प्रबल कर्म से पहले आता है।

 

जब आप खुद को भाग्य भरोसे छोड़ते है, तो यह आपको कही का नहीं छोड़ता। आपको भाग्य की कमी नहीं, लक्ष्य की जरुरत है। आपको अपना भविष्य इतना उज्जबल दिखेगा की आपकी आँखे चौधिया जाएगी, मुझे जार्ज एलियट की इस बात से प्रोत्साहन मिलता है, आप जो बनना चाहते थे, वह आप अभी भी बन सकते है।

 

योग्गता के बजाय लक्ष्य की कमी के कारण ज्यादा लोग असफल होते है, अगर आप मारो या चूको की निति से काम करेंगे, तो आप आम तौर पर चूक जायेंगे, अगर आप नहीं जानते है की आप कही जा रहे है,  तो आप शायद अनचाहे जगह पर पहुंच जायेंगे, ज्यादातर लोग यह नहीं जानते है, वे कहाँ जा रहे है, लेकिन वे फिर भी चले जा रहे है, इस तरह लोग बिना सोचे समझे बढ़ते जाना कैंसर की कोशिका जैसी विचार धारा है, किसी उद्देश्य और लक्ष्य के साथ आगे बढ़ें।

 

लॉर्ड चेस्टरफील्ड ने लिखा था, उद्देश्य की धिढ़ता प्रबल चरित्र का बहुत आवश्यक गुण और सफलता का बेस्ट साधन है, इसके बगैर प्रतिभाशाली व्यक्ति के प्रयास असंगत कार्यों में खो जाता हैं, आपको जो बोझ उठाना है, अगर आप उससे दूर भागते है, तो निश्चित रूप से आपको एक दूसरा बोझ मिल जायेगा, जिसे आपको उठाना ही पड़ेगा,

 

जिस वयक्ति की कोई दिशा नहीं होती, वह अपनी परस्थितियों का गुलाम होता है, सबसे गरीब आदमी वह नहीं है, जिसके पास एक भी पैसा नहीं है, वल्कि वह है जिसका कोई लक्ष्य नहीं है, कुछ लोग जिंदगी में सिर्फ एक काम करते है, और वह है बूढ़ा होना।

 

अगर आपके पास अपने जीवन के लिए कोई भविष्य दृस्टी नहीं है, तो शयद आपने किसी काम पर ध्यान केंद्रित नहीं किया है, भविष्य दृष्टि के आभाव में स्पष्ट व् निरंतर एकाग्रता हो ही नहीं सकती है, जब आपका लक्ष्य स्पष्ट हो जायेगा, तो निर्णय अपने आप आकर आपके सामने कूदने लगेंगे, जब आप अपना लक्ष्य बना लेते है, तो आप प्रेरित हो जाते है, इसकी बदौलत आपमें उत्साह आ जाता है, और काम करने की प्रबल इच्छा जग जाती है।

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