Home / स्वर्णिम सिद्धांत / ज्यादा बेसब्री सिर्फ नुकसान ही पहुँचता है

ज्यादा बेसब्री सिर्फ नुकसान ही पहुँचता है

समय हर चीज को बदल देता है, हवाई जहाज में सफर कर रहे एक व्यक्ति ने अपने पास बैठे यात्री से कहा, आपको  निचे झील दिख रही है ना, जब मै छोटा था, तो अपनी नव में बैठकर इसी झील में मछली पकड़ा करता था, जब भी कोई हवाई जहाज झील के ऊपर से उड़ता था, तो मै देखकर सोचता था, की काश मै उस जहाज में होता, और अब ये हाल है की अब मै हवाई जहाज में बैठकर निचे देखता हूँ, तो मेरी इच्छा होती है, की काश मै मछली पकड़ रहा होता, समय सचमुच हर चीज को बदल देता है।

 

सही समय पर सही जगह होने से ही फर्क पड़ता है, सही समय कितना महत्वपूर्ण है, इसका जवाब देते हुए, थियोडोर रउजबेल्ट ने कहा था, नब्बे प्रतिसत समझदारी समय की समझदारी है।

आप ये ब्लॉग पढ़ रहे है, इसी बात से ये पता चलता है, की आप आगे बढ़ना चाहते है, और सिखर पर पहुंचना चाहते है, अगर आप हममे से अधिकांश लोगों में से है, तो आप भी चाहते होंगे की वही जल्दी से जल्दी पहुंच जाएँ, लेकिन यह जान लें की   बहुत सुस्त वयक्ति के तरह ही बहुत जल्दवाजी करने वाला वयक्ति भी सही समय पर नहीं पहुंच पाता है।  जो स्थिति अति शीघ्रता वाली लगती है, वह शायद ही कभी ऐसी होती है, हड़बड़ी की बजह से हर सपना धुंधला हो जाता है और असफलता का द्वार खुल जाता है।  जल्दबाजी जितना ज्यादा होगी, गति उतनी कम होगी।

यह जानना ज्यादा महत्वपूर्ण है की आप कहाँ जा रहे है, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है की आप वहां कितनी जल्दी पहुंच सकते है। बेसब्र लोग मंजिल पर हमेशा बहुत देर से पहुंचते है। बेसब्र होकर अपना ही नुकसान करते है।

 

सक्षम व्यक्तियों की असफलता का एक बहुत आम कारण यह है की ये परिणामों का इंतजार करते समय बेसब्र हो जाते है, मुर्ख की जल्दबाजी दुनिया की सबसे धीमी चीज है, जब भी कोई वयक्ति जल्दबाजी करता है, तो दूसरों को ये पता चल जाता है की वह जो काम कर रहा है, वह काम उसके हिसाब से बहुत बड़ा है, बेस्रबी आगे निकलने का भयंकर सिरदर्द है।

 

चीजों को अपने आप होने देने का एक समय होता है, और उन्हें अपनी मर्जी से करने का एक समय होता है, यही एक्लेजिआस्ट्स ३:१ का मतलब है, जिसमे लिखा है, की दुनिया में हर चीज का एक मौसम होता है, और हर लक्ष्य का एक समय होता है, जिंदगी के अलग अलग समय होता है, जिंदगी के अलग अलग मौसम होते है, जिसका मतलब यह है की हम अलग अलग समय पर अलग अलग काम करते है,

 

सही समय पर सही काम करे, इस चीनी कहाबत को ध्यान में रखें कभी भी बसंत में अपना खेत या ठण्ड में अपना घर ना छोड़े। ईश्वर कभी भी ऐसी ठण्ड नहीं भेजता है, जिसके बाद बसंत की ख़ुशी, गर्मी का विकाश और शरद ऋतू की फसल ना आए।

 

काम को सफलता से पूरा करने में निपुण बन जाएँ, हड़बड़ी में जितने का लालच न करें, जल्दवाजी यानि चीजों को सही समय से पहले हासिल करने की इच्छा सपनो को मर डालती है।

ये भी जरुर पढ़ें:

500 रु में आने वाला हैं 4G स्मार्टफोन, मात्र 60 रु में मिलेगी फ्री कालिंग और डाटा

एकाउंट में बैलेंस न होने पर टूट गई SIP? जानिए 4 बड़ी बातें

राजकीय कुएं की शादी – हिंदी कहानी

बिल्ली और चूहे

लालची मंत्री

जनता का फैसला – ज्ञानवर्धक कहानी

अनोखी चित्रकारी – ज्ञान से भरपूर कहानी

About admin

आपने कीमती समय देकर ब्लॉग पढ़ा धन्यबाद, ये पोस्ट आपको पसंद आया हो तो शेयर करना न भूले, ताकि इसे ज्यादा से ज्यादा लोग पढ़ें, अपना विचार जरूर लिखे, इससे हमें और ज्यादा अच्छी और लेटेस्ट जानकारियाँ लिखने के लिए प्रेरित करेगा.

One comment

  1. http://www.freeprachar.com के द्वारा पूरी दुनिया में अपने बिज़नेस का प्रचार करें TOTALLY FREE

Leave a Reply