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जिंदगी में बाधा ना आये तो कामयाबी का मज़ा ही क्या है

हमारी प्रगति रोकने की शैतान की एक प्रमुख चाल यह है कि वह हमारी राह में कई तरह की बाधा डालता है, वह नहीं चाहता कि हम एकाग्रचित होकर उस योजना पर अपना ध्यान केंद्रित करें, जो ईश्वर ने हमारे लिए बनाई है, यह तय करें कि आप सचमुच अपने लिए क्या चाहते हैं और ईश्वर आपके लिए क्या चाहता है इसमें आपकी तितलियों का पीछा करने से बचेंगे और हीरो की खुदाई करने में जुटे रहेंगे।

 

मुश्किल पर ध्यान के बजाय अपनी जिंदगी की सकरात्मक चीजों पर ज्यादा ध्यान दें, प्राय: लोग अपने अधिकतम प्रयास ध्यान और समय उन चीजों में लगाते हैं जो जीवन में कभी ज्यादा काम नहीं आती है, बेन फ्रेंकलिन ने कहा है अगर किसी व्यक्ति की आधी इच्छाएं पूरी हो जाए तो उस की मुश्किलें दोगुनी बढ़ जाएगी।

 

अपने दिमाग से उन चीजों को बाहर निकाल दें जो आपके नियंत्रण से परे हो ऐसा करना इसलिए जरूरी है ताकि आप अपने वर्तमान लक्ष्यों पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकें और उन पर काम कर सकें सीधे और संकरे रास्ते पर चलें वैकल्पिक मार्ग खोजने की कोशिश में आप हमेशा राह भटक जाएंगे वह उन सब लोगों को पूर्ण शांति देगा जो उस में विश्वास करते हैं और उन और जिनके विचार अक्सर ईश्वर की तरफ मुड़ते हैं जिंदगी की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हम ईश्वर को खोने के बाद भी उसकी कमी महसूस ना करें।

 

दूसरे के तीखे शब्दों से आप जितने विचलित होते हैं उतने बहुत कम चीजों से होते हैं दूसरों के साथ आपको रोकने की कोशिश करेंगे दूसरे जिस काम को असंभव कहते हैं उस काम को अगर आप एक बार कर देंगे तो उसके बाद आप दूसरों की बताई सीमाओं पर दोबारा कभी ध्यान नहीं देंगे अगर आप दूसरों को यह अनुमति देंगे कि वह आपको रोके तो बे ऐसा जरूर करेंगे और बार-बार करेंगे।

 

गलत लोग डर या शंका पैदा करके आपका ध्यान भंग करना चाहते हैं और जब आप ऐसा होने देते हैं तो आपके कान बुरी खबर सुनने के लिए ज्यादा तेज हो जाएंगे और आपकी आंखें आगे आने वाली मुश्किलों को देखने के लिए ज्यादा पैनी हो जाएगी आप ऐसी बहुत सी चीजें खोज लेंगे जो कभी होगी ही नहीं, ईसा मसीह ने कहा था जो भी मेरी योजनाओं के काम से भटकता है वह ईश्वर के सामाज्य मेरे आने के काबिल नहीं है।

 

एक समय में एक काम पर ध्यान केंद्रित करें और उस काम को करते समय जिन परभावों की जरूरत ना हो उसे हटा दें। जॉर्ज बनार्ड शॉ ने कहा था की लोग हमेशा अपनी बदहाली के लिए परिस्थितियों को दोष देते रहते हैं मैं परिस्थितियों में यकीन नहीं करता हूं, इस दुनिया में जो लोग आगे पहुंचते हैं मैं अपनी मनचाही परिस्थितियों की तलाश करते हैं,

 

और अगर वह उन्हें नहीं मिलती है तो वह उन्हें बना लेते हैं अपनी एकाग्रता को इतना बढ़ा लें की पूरी दुनिया भी आपको आपकी राह से न डिगा सके सीधे आगे देखो पीछे देखने के लिए भी अपना सिर मत घुमाओ, अपने कदमों को देखो अगर तुम इस तरह से रास्ते पर लगातार चलते रहोगे, तो मंजिल तक सुरक्षित पहुंच जाओगे।

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