Breaking News
Home / स्वास्थ / दस्त ( अतिसार ) का घरेलू इलाज़

दस्त ( अतिसार ) का घरेलू इलाज़

दस्त का उपचार

आप सभी रीडर्स का लेटेस्ट जानकारी ब्लॉग में स्वागत है, जैसा की आप पहले भी हमारे ब्लॉग के द्वारा अच्छी जानकारियां पढ़े होंगे, हमारे ब्लॉग के पोस्ट में ज्यादातर शारीरिक स्वास्थ अच्छी हिंदी कहानियां धरम ज्ञान टेक ज्ञान इत्यादी बताई जाती है, हमेशा विजिट करते रहें आपको बहुत सारा ज्ञान पा सकेंगे.

कारण

जब खाया हुआ भोजन बिना पचे या आधी पची हुई अवस्था में खाने के छः – सात घंटे के अन्दर ही वेग के साथ, पतले मल के रूप में निकलने लगे, तो ऐसी अवस्था दस्त या अतिसार कहलाती हैं। इस रोग में भोजन के सूक्ष्म अंशों युक्त द्रव को ग्रहण करने की आंत की शक्ति बहुत घट जाती हैं। जिन बच्चों को आरम्भ से ही माँ का दूध नहीं मिल पाता, वे भी अतिसार से पीड़ित रहते हैं।

बासी, बिना ढका हुआ, खट्टा हो चुका भोजन (विशेषकर बरसात व गर्मी के मौसम में) करने से यह रोग होता हैं, क्योंकि ऐसा भोजन जीवाणुओं के संपर्क से अम्ल्युक्त हो जाता हैं।

लक्षण

पेट में गुड़गुड़ाहट, दुर्गन्धयुक्त व पतले मल का बाहर आना ही इस रोग के लक्षण हैं।

घरेलू चिकित्सा

  • एक चमच्च अदरक का रस, आधी कटोरी उबले हुए गर्म पानी में मिलाकर एक – एक घंटे के अंतर से घूँट – घूँट कर पीते रहें। दो – तीन खुराक में ही आराम हो जाएगा।
  • बेलगिरी का गूदा एक भाग, सूखा धनिया एक भाग और मिसरी दो भाग पीसकर रख लें। 1 चमच्च चूर्ण दिन में तीन बार दें।
  • धनिया 1 भाग, जीरा 1 भाग, आंवले का चूर्ण 2 भाग मिलाकर पानी में चटनी की तरह पीस लें। इस चटनी में स्वाद के अनुसार सेंधानमक मिलाकर चार – चार घंटे के अंतर से रोगी को चटाएं।
  • सूखी बेलगिरी का गुदा, ईसबगोल, सौंफ और शकर बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें। एक – एक चमच्च मिश्रण दिन में तीन बार उबाल कर ठन्डे किये हुए पानी से दें।
  • प्याज को कूटकर ताजी दही में मिलाकर खिलाएं।
  • सफ़ेद जीरा व सौंफ बराबर मात्रा में लेकर तवे पर भूनकर पीस लें। यह चूर्ण ताजे दही में मिलाकर देने से अतिसार में तुरंत लाभ होता हैं।
  • मीठे नीम के 20 पत्तों का रस एक चमच्च शहद में मिलाकर लें।
  • खाना खाने के बाद छिलका उतारा हुआ सेब खाएं।
  • रोगी को हर दो घंटे बाद एक – एक कटोरी घिया का रायता पिलाएं।

आयुर्वेदिक औषधियां

रामबाण रस, भुवनेश्वर रस, कर्पूर वटी, बिल्वादि चूर्ण, कुटजघनवटी, चातुर्भद्र चूर्ण आदि।

नोट: बताये हुए बिधि को यूज़ करते रहे आपको फायदा अवश्य मिलेगा, और फिर भी मन में कोई संकोच है, तो एक बार डॉक्टर की परामर्श अवश्य लें. हमारे लेटेस्ट जानकारी के पोस्ट को इसी तरह पढ़ते रहे और फायदा प्राप्त करते रहें।

चेहरे से दाग धब्बे और झाइयों हटाएँ और नई चमक पाएं इस घरेलू उपचार से

दिल का दौरा, बचाव एवं कुछ जरूरी घरेलू टिप्स

पेशाब में जलन से परेशान है तो इसे हल्के में ना ले, तुरंत घरेलू उपचार करें

गुलाबी होंठ चाहिए तो ये रहा सबसे आसान घरेलू उपचार

वजन बढ़ाने के उपाय, दुबलेपन से परेशान लोगो के लिए सरल उपचार

आधासीसी यानी आधे सिर का दर्द के लक्षण एवं घरेलू उपचार

उच्च रक्तचाप एवं निम्न रक्तचाप के लक्षण एवं घरेलू उपचार

About admin

आपने कीमती समय देकर ब्लॉग पढ़ा धन्यबाद, ये पोस्ट आपको पसंद आया हो तो शेयर करना न भूले, ताकि इसे ज्यादा से ज्यादा लोग पढ़ें, अपना विचार जरूर लिखे, इससे हमें और ज्यादा अच्छी और लेटेस्ट जानकारियाँ लिखने के लिए प्रेरित करेगा.

1
Leave a Reply

avatar
1 Comment threads
0 Thread replies
0 Followers
 
Most reacted comment
Hottest comment thread
1 Comment authors
Dhananajay Kumar Recent comment authors
  Subscribe  
newest oldest most voted
Notify of
Dhananajay Kumar
Guest

http://www.freeprachar.com के द्वारा पूरी दुनिया में अपने बिज़नेस का प्रचार करें TOTALLY FREE