जॉर्ज ईस्टमैन ने कोडक ईस्टमैन कैमरे का आविष्कार किया

जॉर्ज ईस्टमैन ने फोटोग्राफी को जनसाधारण तक पहुंचाया। ईस्टमैन के आविष्कार से पहले फोटोग्राफी का काम विशेषज्ञों तक ही सीमित था, जो तस्वीर लेने के लिए एक बड़े से कैमरे और कांच की भारी – भरकम प्लेटों को साथ लेकर चलते थे। कांच की प्लेटों पर तस्वीर उतारने के बाद उन्हें गीली प्लेटों पर बने आकृति को रसायनों से तत्काल कागज़ पर उतारना पड़ता था और यह सारी प्रक्रिया अँधेरे में करनी पड़ती थी।

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फोटोग्राफी में ईस्टमैन की दिलचस्पी की कहानी बड़ी मजेदार हैं। 24 साल की उम्र में ईस्टमैन छुट्टियां मनाने के लिए सैंटो डोमिंगो जा रहे थे। सैर के फोटो खींचने के लिए वे फोटोग्राफी का सामान खरीदने गए। इसमें 21 इंच के कंप्यूटर मॉनिटर जितना बड़ा कैमरा था, उसे रखने का स्टैंड था, कांच की प्लेटें थी, प्लेट होल्डर था और फोटो डेवलप करने के लिए एक टेंट भी था।

 

इतने सारे ताम – झाम को देखकर ईस्टमैन ने यात्रा में कैमरा ले जाने का इरादा तो छोड़ ही दिया और फोटोग्राफी को सरल बनाने के प्रयोगों में जुट गए। जल्द ही उन्होंने गीली प्लेट के बजाय ड्राई प्लेट बना ली। ईस्टमैन की यह खोज क्रांतिकारी थी क्योंकि अब फोटोग्राफर को तत्काल फोटो डेवलप करने की जरूरत नहीं थी।

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ड्राई प्लेट से प्रोफेशनल फोटोग्राफरों की समस्या तो कम हो गयी, लेकिन ईस्टमैन का सपना अभी पूरा नहीं हुआ था। वे कैमरे को पेंसिल की तरह सुविधाजनक बनाना चाहते थे, इसलिए वे ड्राई प्लेट बनाने के बाद भी प्रयोगों में जुटे रहे।

 

अब ईस्टमैन कांच की प्लेटों के बजाय किसी हल्की वस्तु की तलाश करने लगे। उन्होंने कागज़ पर फोटोग्राफिक ईमल्शन की परत लगाकर उसे रोल होल्डर में रख दिया। अपनी इस फोटोग्राफिक फिल्म की सफलता के बारे में वे इतने आशान्वित थे कि 1884 में उन्होंने ईस्टमैन ड्राई प्लेट एंड फिल्म कंपनी की स्थापना कर दी।

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ट्रांसपेरेंट रोल फिल्म और रोल होल्डर के ईस्टमैन के आविष्कार के बाद फोटोग्राफी आम आदमी की पहुँच में आ गयी। कोडक कैमरा 1884 में बाजार में आया और जल्द ही लोकप्रिय हो गया। ईस्टमैन ने इसके विज्ञापन में दावा किया, आप सिर्फ बटन दबाएँ, बाकी काम हम करेंगे। 1896 में एक लाखवां कोडक कैमरा बिका।

 

उन दिनों कोडक कैमरा 5 डॉलर में बिकता था, लेकिन ईस्टमन इससे पहले भी सस्ता कैमरा बनाना चाहते थे, ताकि आम जनता आसानी से कैमरा खरीद सके। सस्ते कैमरे की धुन में जुटे ईस्टमैन ने सन 1990 में ब्राउनी कैमरा बाजार में उतारा, जो 1 डॉलर का था। अब फोटोग्राफी बच्चों का खेल हो गया।

 

बस कैमरे से निशाना साधो और बटन दबा दो। उनके कार्यकाल में कोडक कंपनी का कारोबार1 कर्मचारी से 13,000 कर्मचारियों तक फैल गया और एक छोटे कमरे से 55 एकड़ तथा 95 इमारतों वाले कोडक पार्क वर्क्स तक बढ़ गया। ईस्टमैन मिलियनेयर बन गए और अपनी मृत्यु से पहले उन्होंने लाखों डॉलर दान में दे दिए।

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ईस्टमैन की अमीरी और लोकप्रियता का राज़ यह था कि उन्होंने एक जटिल वैज्ञानिक प्रक्रिया को जनसाधारण के लिए उपयोगी प्रोडक्ट में बदल दिया। डिजिटल फोटोग्राफी और मोबाइल कैमरे की लोकप्रियता के कारण उनके बनाए हुए कंपनी जनवरी 2012 में दिवालिया हो गयी और कोडक के वर्चस्व के युग का अंत हो गया।

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