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दवाइयों पर बनी इस लाल पट्टी का मतलब जानते हैं? खरीदते समय ना करें इग्नोर

अक्सर लोग बीमार या कोई भी तकलीफ होने पर डॉक्टर से राय लेने की बजाए खुद ही मेडिकल स्टोर पर दवा लेने पहुंच जाते हैं जबकि ऐसा बिल्कुल ही नहीं करना चाहिए क्योंकि कई दवाईयां ऐसी होती हैं जिनका  बिना चिकित्सकीय परामर्श के इस्तेमाल नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे में अगर आप भी अक्सर खुद से ही दवा खरीदते हैं तो आपको कुछ बातों की जानकारी बेहद जरूरी है. दरअसल दवाओं पर कुछ विशेष मार्क या कोड लिखे होते हैं जो कि वास्तव में दवा विशेष के लिए चेतावनी होती है। आज हम ऐसे ही मार्क और कोड के बारे में बताने जा रहे हैं।

असल में जब भी हमें स्वास्थ्य सम्बंधी छोटी-मोटी दिक्केते होती है जैसे कि सिर में दर्द, गले में खराश जैसी समस्याएं तो हम किसी डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं और खुद ही किसी आस-पास के मेडिकल स्टोर से दवाई ले आते हैं ताकि हमें जल्दी से आराम मिल जाए या दूसरे शब्द में कहें तो हम दवा के रूप में एंटीबायोटिक लेने जाते हैं.. क्योंकि एंटीबायोटिक से हमें जल्दी से आराम आ जाता है .. लेकिन इसके साथ आपको ये पता होना चाहिए कि एंटीबायोटिक नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।

दरअसल ऐसी दवाएं जीवाणु संक्रमण से लडऩे के लिए बनाई जाती है। वैसे तो एंटीबायोटिक से बहुत सारे रोगों का इलाज करने में मदद मिलती है। लेकिन अब एंटीबायोटिक्स का उपयोग इतना अधिक हो चुका है कि कई सारी एंटीबायोटिक्स दवाओं का जीवाणुओं के खिलाफ असर ही कम हो गया है। ऐसे में इनके उपयोग पर नियंत्रण पाने के लिए दवाओं पर कुछ सिम्बल दिए जाते हैं। जैसे कि…

दवाओं पर बनी लाल पट्टी का मतलब…
आपने देखा कई दवाओं के किनारे पर एक लाल पट्टी बनी रहती है पर क्या आप इसका मतलब जानते हैं .. अगर नहीं जानते हैं तो अभी जान लीजिए क्योंकि इसकी जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। दरअसल जिन दवाओं पर लाल स्ट्रिप बनी होती है  ऐसी दवाओं को डॉक्टर के पर्चे के बिना ना तो बेचा जा सकता है और ना ही इसका इस्तेमाल किया जा सकता है..  असल में एंटीबायोटिक दवाओं का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए दवाओं पर ये लाल रंग की पट्टी लगाई जाती है। इस तरह स्ट्रिप पर लाल धारी देने का उद्देश्य टीबी, मलेरिया, यहां तक कि एचआईवी सहित कई गंभीर रोगों के लिए बिना चिकित्सकीय परामर्श के या सीधे दवा की दुकान से एंटीबायोटिक दवाओं की खरीदी और बिक्री पर रोक लगाना है।

दवाओं पर लिखे Rx का मतलब…
वही कुछ दवाओं पर Rx लिखा होता है तो आपको बता दें कि ऐसी दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए। अगर डॉक्टर पर्चे पर लिखकर देते हैं तो ही इन दवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए।

दवाओं पर लिखे NRx का मतलब…
जबकि जिन दवाओं पर NRx लिखा होता है उन्हें सिर्फ ऐसे डॉक्टर ही सजेस्ट कर सकते हैं जिनके पास नशीली दवाओं का लाइसेंस हो.. जैसे कि मनोचिकित्सक, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट आदि।

दवाओं पर लिखे XRx का मतलब…

वहीं कुछ दवाओं पर XRx लिखा होता है तो आपको बता दें कि ऐसी दवाएं सिर्फ डॉक्टर के पास से ही ली जा सकता है… ऐसी दवाओं को आप सीधे मेडिकल स्टोर से नहीं खरीद सकते हैं।

नोट : इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं । इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं, इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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