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दांतों व मसूढ़ों के देखभाल घरेलू नुस्खे के द्वारा

दांतों व मसूढ़ों के सामान्य रोग

आप सभी का लेटेस्ट जानकारी में स्वागत है मैं पिछले कुछ सालों से लगातार हेल्थ की जानकारी देता आ रहा हूँ, मुझे उम्मीद है कि बहुत से ऐसे भाई-बहन होंगे जो हमारे बताए हुए जानकारी से फायदा भी प्राप्त कर रहे होंगे और कुछ ऐसे भी भाई-बहन होंगे जो घरेलू उपचार पर ज्यादा विश्वास नहीं करते और वह ज्यादातर एलोपैथिक दवाइयां यूज करते हैं क्योंकि एलोपैथिक दवाइयां असर जल्दी करता है और घरेलू उपचार के द्वारा एबं आयुर्वेदिक उपचार के द्वारा फायदा पहुंचने में थोड़ा समय लगता है लेकिन फिर भी मैं आपसे यही कहूंगा कि आप एलोपैथिक से जितना दूर रहने की कोशिश करें उतना अच्छा, क्योंकि एलोपैथिक दवाइयां के कई साइड इफेक्ट्स होते हैं और आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपचार के द्वारा की जाने वाले प्रयोग में नुकसान बिल्कुल नहीं होता आपको अगर लगता है कि यह दवाइयां जो पूरी तरह घरेलू है यूज़ करके फायदा प्राप्त किया जाए तो जरूर करें आज का जो हमारा विषय है वह है दांत एबं मसूड़ों के सामान्य रोग: कैसे इस घरेलू नुस्खे के द्वारा आसानी से दांतों और मसूड़ों के रोग में फायदा प्राप्त कर पाएंगे पूरी जानकारी के लिए यह पोस्ट को आखिर तक पढ़े आपको फायदा निश्चित मिलेगा एक बात और आधा अधूरा ज्ञान कभी किसी को फायदा नहीं पहुंचा सकता यह हम सभी को ज्ञात होना चाहिए, वैसे तो हमारे ब्लॉग में ऐसे हजारों जानकारियां हैं जो आपके बहुत काम आ सकता है जब भी समय मिले थोड़ा समय निकालकर हमारे ब्लॉग लेटेस्ट जानकारी डॉट कॉम पर जरूर विजिट किया करें, अब और समय को न बर्बाद करते हुए पोस्ट की ओर ध्यान देते हैं जो आज की जानकारी है दांतों से जुड़े हुए अब आगे…

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कारण

दांतों की समुचित सफाई न होने से तथा अधिक गर्म या ठन्डे पदार्थ लेने से दांतों व मसूढ़ों के रोग उत्पन्न हो जाते हैं।

लक्षण

दांतों में ठंडा – गर्म लगना, कीड़ा लगना, दांतों का हिलना, दांतों में काली पिपड़ी जमना, मसूढ़ों से खून आना आदि।

घरेलू चिकित्सा

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  • सेंधानमक को अत्यंत बारीक पीस लें। आधा चमच्च सेंधानामक के इस चूर्ण को चार गुणा सरसों के तेल में मिलाकर हल्के हाथ से सुबह के समय मसूढ़ों व दांतों की मालिश करें। बाद में पानी से मुंह साफ़ कर लें।
  • सुबह नियमित रूप से नीम की दातुन करें।
  • आधे चमच्च बारीक हलदी के चोरन में चार गुना सरसों का तेल मिलाएं और सुबह मसूढ़ों की मालिश करें। बाद में गुनगुने पानी से कुल्ले करें।
  • आक की टहनियों को सुखा लें और सूखने पर जलाकर बारीक पीस लें। सरसों का तेल मिलाकर दांतों पर मलें। थोड़ी देर दांतों में से पानी निकलने दें, फिर गर्म पानी से कुल्ले करें।
  • रीठे के छिलके को लोहे की कड़ाही में जला लें। फिर इसमें भुनी हुई फिटकरी बराबर मात्रा में मिलाकर बारीक पीसकर रखें। इसे मंजन की तरह सुबह – शाम प्रयोग करें।
  • सेंधानमक, पिप्पली और जीरा सम भाग लेकर पीस लें और इस मंजन का प्रयोग करें।
  • जामुन की छाल को सुखाकर कूट लें और मंजन की तरह प्रयोग करें।
  • बरगद की जटाओं की दातुन करें।
  • नीम की पत्तियां पानी में उबालकर कुल्ले करें।
  • प्याज को पत्तियों समेत कूटकर, रस निकलकर उससे कुल्ले करें।

दांत दर्द

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  • फिटकरी और लौंग बराबर मात्रा में पीसकर दांतों पर मलें। दर्द तुरंत दूर हो जाएगा।
  • आधा चमच्च हलदी, 4 चमच्च अजवायन व 4 अमरुद के पत्तों को आधा लीटर पानी में उबालें और उतार लें। गुनगुना रह जाने पर इसके कुल्ले करें। दर्द से तुरंत आराम मिल जाएगा।
  • हींग को गर्म करके दर्द वाले दांत पर दबाकर रखें, दर्द गायब हो जाएगा।
  • कपूर दांतों के बीच में दबाकर रखने से थोड़ी देर में दांत दर्द दूर हो जाएगा।
  • अदरक के टुकड़े पर नमक लगाकर दांत के नीचे दबाएँ।
  • हलदी को जलाकर बारीक पीस लें और मंजन की तरह प्रयोग करें।
  • एक – एक चमच्च अनार और बेर की छाल के चूर्ण में दो लौंगें डालकर पानी में उबालें। छानकर इससे गरारे व कुल्ले करें।
  • आम के पत्तों को सुखाकर व जलाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में थोड़ा सा नमक व सरसों का तेल मिलाकर मंजन करें।
  • पुदीने के पत्ते सुखाकर मंजन की तरह प्रयोग करें। साथ में थोडा सा नमक मिला सकते हैं।
  • बादाम के छिलके जलाकर रख लें और पीसकर मंजन की तरह प्रयोग करें।
  • अदरक को कूटकर उसका रस निकालें और इसके एक चमच्च रस में एक चुटकी नमक मिलाकर मसूढ़ों की मालिश करें।
  • आंवले के चूर्ण में कपूर मिलाकर मंजन की तरह प्रयोग करें।
  • दो सूखे अंजीर रात को इतने पानी में भिंगोये कि अंजीर पानी को सोख लें। सुबह उठकर इन अंजीरों को चबाएं।
  • संतरे के छिलके सुखाकर अच्छी तरह कूट – पीसकर छान लें और मंजन करें।
  • पालक के कच्चे पत्ते दिन में दो – तीन बार चबाएं। पालक व गाजर का जूस भी पिलाएं।
  • रोगी को सप्ताह भर केवल अंगूर खिलाएं, मसूढ़ों व दांतों के सभी रोगों से मुक्ति मिल जाएगी।
  • संतरे का रस रोगी को दिन में कई बार पिलाएं या संतरा खाने को दें।
  • अनार का छिलका सुखाकर समान मात्रा में काली मिर्च व नमक के साथ पीस लें और मंजन की तरह प्रयोग करें।

आयुर्वेदिक औषधियां : लाल दन्त मंजन, त्रिफला गुग्गुल

नोट: बताये हुए बिधि को यूज़ करते रहे आपको फायदा अवश्य मिलेगा, और फिर भी मन में कोई संकोच है, तो एक बार डॉक्टर की परामर्श अवश्य लें. हमारे लेटेस्ट जानकारी के पोस्ट को इसी तरह पढ़ते रहे और फायदा प्राप्त करते रहें।

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