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ज्ञानवर्धक कहानियाँ

सबसे बड़ा मूर्ख – ज्ञानवर्धक हिंदी कहानी

विजयनगर के राजा कृष्णदेव होली का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया करते थे। उस दिन मनोविनोद के अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन उनके नगरों में होता था। प्रत्येक कार्यक्रम के सबसे अच्छे कलाकार को उचित पारितोषिक भी प्रदान किया जाता था। सबसे बड़ा तथा सबसे मूल्यवान पुरस्कार महामूर्ख की उपाधि पाने …

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अंतिम इच्छा हिंदी कहानी

antim eachha

विजयनगर के ब्राह्मण लालची प्रवृत्ति के थे वे सदैव किसी न किसी बहाने से अपने राजा से धन ऐंठते रहते थे। राजा की उदारता का वे अनुचित लाभ उठाते थे। एक दिन दरबार में राजा कृष्णदेव से एक पंडित ने कहा, महाराज मरते समय मेरी माँ ने आम खाने की …

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बाढ़पीड़ितों की सहायता

baadh piriton ki sahayta

एक बरस राजा कृष्णदेव के राज्य में भीषण वर्षा हुई। चारों ओर भीषण तबाही मच गयी। अनेक घर ढह गए। सैंकड़ों पशु भी बाढ़ की चपेट में आ गए। राजा कृष्णदेव को इस घटना की खबर मिली। उन्होंने तत्काल मंत्री को बुलाकर आदेश दिया कि तुरंत बाढ़पीड़ितों की सहायता की …

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राजा रानी में सुलह

king and queen

एक दिन तेनालीराम को गुप्तचर द्वारा सन्देश मिला कि महारानी बड़ी मुसीबत में हैं और उन्होंने आपको तुरंत ही राजमहल में बुलाया हैं। जब तेनालीराम के सम्मुख उपस्थित हुआ तो उसे पता चला कि एक दिन राजा कृष्णदेव रानी को अपने हाथों से लिखा हुआ नाटक सुना रहे थे और …

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गाय और बिल्ली

cow and cat

गाय और बिल्ली जब राजा कृष्णदेव की राजधानी में चूहों का आतंक ज्यादा फ़ैल गया तो उन्होंने उससे निजात पाने के लिए बिल्लियों को पालने का फैसला किया। जैसे – तैसे करके बिल्लियों को मंगाया गया और उन्हें नगर के लोगों को दे दिया गया। जिसे भी बिल्ली दी गयी, उसे …

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राजकीय कुएं की शादी – हिंदी कहानी

राजा कृष्णदेव के किसी बात पर अनबन हो जाने के उपरान्त तेनालीराम नाराज होकर कहीं चला गया। जब कई दिनों तक वापस नहीं लौटा तो राजा कृष्णदेव को चिंता हुई और उन्होंने उसे खोजने के लिए अपने गुप्तचर लगा दिए लेकिन तेनालीराम का कहीं पता नहीं चल सका। मजबूर होकर …

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बिल्ली और चूहे

cat and rat

तेनालीराम के घर में चूहों ने हुड़दंग मचा रखा था। और एक दिन चूहों ने उसकी पत्नी की एक सुन्दर साड़ी को काटकर उसमें एक छेद भी कर दिया। अब तो तेनालीराम और उसकी पत्नी को उन चूहों पर बहुत ही क्रोध आया। उन्होंने सोचा, इन चूहों को पकड़कर ख़त्म …

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लालची मंत्री

lalchi mantri

राजा कृष्णदेव की यह हार्दिक इच्छा थी कि वह अपने जीवनकाल में एक मंदिर का निर्माण कराएं। इसलिए उन्होंने अपने मंत्री को बुलवाया और उसमें उपयुक्त स्थान खोजने के लिए कहा। उस मंत्री ने अपने नगर के समीप ही जंगल में मंदिर निर्माण के लिए एक स्थान खोज लिया और …

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जनता का फैसला – ज्ञानवर्धक कहानी

राजा कृष्णदेव एक बार शिकार खेलने के लिए गए। तो जंगल में भटक गए उनके अंगरक्षक पीछे ही छूट गए थे। जब शाम हो गयी तो उन्होंने अपना घोड़ा एक पेड़ से बाँध दिया और वह रात नजदीक के एक गाँव में बिताने का निश्चय कर लिया। एक राहगीर का …

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