Home / स्वर्णिम सिद्धांत / बोलते समय इंसान कुछ नहीं सीखता है – स्वर्णिम सिद्धांत
golden rule

बोलते समय इंसान कुछ नहीं सीखता है – स्वर्णिम सिद्धांत

दूसरों से अपनी बात मनवाने का एक बहुत ही अच्छा तरीका उनकी बातें सुनना है, गप्पे हांकने वाला आपसे दूसरे के बारें में बात करता है, बोर करने वाला आपसे अपने बारें में बात करता है, तथा बेहतरीन वक्ता आपसे आपके बारे में बात करता है, और इसके बाद आपका जवाब सुनता है, बोलते समय आप कुछ नहीं सीखते, सच तो यह है की आप जितना ज्यादा बोलते है लोगों को उतना कम याद रहता है,

 

अगर आप अपना मुँह बंद रखेंगे, तो कभी मुश्किल में नहीं फसेंगें, वयक्ति को उसके मौन से जाना जाता है, अपनी जुवान पर लगाम लगाने का का कोई भी मूल्यवान अवसर कभी ना जाने दें, ध्यान से सुनें की सामने वाला क्या कह रहा है, जब आपके पास कहने को कुछ ना हो, तो कुछ ना कहें। मौन एक ऐसा मित्र है, जो आपको कभी धोखा नहीं देगा.

 

दूसरों की बात सुनने की योग्यता सबसे बड़ी योग्यता है, जिसे आप विकसित कर सकते है, मित्रभाषी और स्थिर मस्तिक वाला व्यक्ति समझदार होता है, इसलिए मौन रहने पर मुर्ख को भी समझदार समझा जाता है, अपना मुँह बंद रखने से उसे लाभ होता है,

 

शब्द सस्ते है क्योकि इस क्षेत्र में आपूर्ति मांग से बहुत ज्यादा है, जिंदगी में आपको अपना मुँह बंद रखने के बहुत से मौके मिलेंगे, उन सबका लाभ लें, कोई तो कारण होगा की ईश्वर ने इंसान के कान खुले रखे है, और मुँह को बंद रखा है, जैसे जैसे इंसान की उम्र बढ़ती जाती है, और वह ज्यादा समझदार होता है, तो वह बातचीत कम करता है, और सुनता ज्यादा है.

 

सुनना सीखें। कई बार अवसर बहुत धीमे से दस्तक देता है, आप पाएंगे की ईश्वर उस व्यक्ति का साथ देता है, जो ख़ामोशी बनाए रखता है, अच्छा वक्ता बनने का एक ही नियम है: सुनना सीखें।

 

अच्छे श्रोता बने। बहुत ज्यादा बोलने पर हमेशा गलतियाँ होगी, लेकिन, आपके कान आपको कभी मुश्किल में नहीं डालेंगे, आप अपनी जिंदगी में जो एक बहुत सशक्त सिद्धांत आजमा सकते है, वह है दूसरों की बात सुनना, इतना ज्यादा मत बोलो की आप बेलगाम हो जाएँ, समझदार बने, और शब्दों की बाढ़ को रोक दें.

About admin

आपने कीमती समय देकर ब्लॉग पढ़ा धन्यबाद, ये पोस्ट आपको पसंद आया हो तो शेयर करना न भूले, ताकि इसे ज्यादा से ज्यादा लोग पढ़ें, अपना विचार जरूर लिखे, इससे हमें और ज्यादा अच्छी और लेटेस्ट जानकारियाँ लिखने के लिए प्रेरित करेगा.

Check Also

किसी की आलोचना करने में समय व्यर्थ न गवाएं

सभी प्रगतिशील लोगों में एक खास बात होती है आलोचना उनकी तरफ खिची चली आती …

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *