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बहुत दबाव सहकर ही कोयला हीरा बनता है

हमें हर दिन प्रार्थना करना चाहिए, हे ईश्वर, मुझे खरपतवार जैसा संकल्प और लगन दो, बड़े से बड़ा पेड़ भी छोटे से बिज़ से पैदा हुआ है और ऐसा सिर्फ इसलिए हुआ है, क्यों वह बिज़ जमीन के भीतर लगातार विकास करता रहा, हमारी ये मुश्किलें हमारी ये तकलीफे बहुत छोटी है और ज्यादा समय तक नहीं रहेगी, बहरहाल, इन छोटी मोटी तकलीफों के बदौलत हमें ईश्वर की बहुत बड़ी नियामत मिलेगी, जो हमारे पास सदा के लिए रहेगी, हममे से कई लोग अवसर को पकड़ तो लेते है, जल्दी ही उसे हाथ से फिसल जाने देते है।

 

डॉन बी. ओवेन्स जूनियर ने ऐसे बहुत अच्छी तरह व्यक्त किया था. कई लोग जिंदगी में इसलिए असफल होते है, क्योकि वे इस सिध्दांत पर यकीन कर लेते है, अगर आप एक काम में सफल ना हों, तो किसी दूसरे को आजमाकर देखें, लेकिन इस सिद्धांत पर चलने वाले लोगो को सफलता नहीं मिलती।  इतिहास उठाकर देख लें, हमेशा उन्ही लोगों के सपने सच हुए है,

 

जो अपनी महात्वाकांक्षाओं पर अडिंग रहे, जिन्होंने हार मानने से इंकार कर दिया, और जिन्होंने कभी निराशा को खुद पर हावी नहीं होने दिया, सफल होने वालों व्यक्तियों ने चुनौतियों को ज्यादा कोशिश करने की प्रेरणा के रूप में स्वीकार किया।  आपका मूल्यांकन इस बात से नहीं होता की आप कौन सा काम शुरू करते है, बल्कि इस बात से होता है, की आप कौन सा काम पूरा करते है।  अगर आपको तत्काल परिणाम दिखाई नहीं दे, तो चिंता न करें, ईश्वर हर हफ्ते तो भुगतान नहीं करता है, लेकिन वो अंततः फल जरूर देता है।

 

हर महान उपलब्धि के लिए समय और लगन की जरुरत होती है, लगनशील बने, क्योकि हो सकता है, गुच्छे की आखिरी चाभी से ही सफलता का दरवाजा खुलता हो, प्रतिस्पर्धी से एक सेकंड से ज्यादा देर  तक टिके रहने से आप विजेता बन जाते है, अपनी यह छबि बनाएं की आप महत्त्वपूर्ण और मुश्किल काम लगन से पुरे करते है।

 

अगर आपके मन में काम को अधूरा छोड़ने का लालच आ जाए, तो ब्राहम्स को याद कर लें, ब्राहम्स ने अपनी मशहूर लोरी की रचना करने में सात साल मेहनत की ( शायद इसलिए क्योकि ये पियानो पर बार बार सो जाते होंगे, बहरहाल ये मजाक की बात है) मै बुडरो विल्सन की इस बात से सहमत हूँ, मै किसी ऐसे काम की शुरुआत में असफल होना ज्यादा पसंद करूँगा, जिसमे मुझे अंततः असफलता हाथ लगे, नब्बे प्रतिसत असफलताओं का कारण यह होता है, की लोग कोशिश करना ही छोड़ देते है।

 

और हमें सही काम करने में कभी नहीं थकना चाहिए, क्योकि अगर हम हताश नहीं होंगे, और कोशिश करना नहीं छोड़ेंगे, तो कुछ समय बाद हमें बरदानों की फसल काटने को मिलेगी, सच बात तो ये है, की सफलता की कील को ठोकने के लिए, लगन के हथोड़े की जरुरत पड़ती है।

 

कई असफल लोगों को ये एहसास ही नहीं होता है की जब उन्होंने कोशिश करनी छोड़ी थी, तब वे सफलता के कितने करीब थे, हैरियट बिचर स्टो ने लिखा है, जब आप मुश्किल में हो, जब हर परस्थिति आपके विपरीत हो, और आपको लगने लगे की अब एक मिनट भी डटे रहना मुश्किल है, तो उस समय मैदान ना छोड़े, क्योकि यही वह समय और स्थान है, जहाँ आपकी तक़दीर का रुख पलटेगा।

 

संभावनाओं लगन से तलाशेंगे, तो अवसर हमेशा आपके सामने आ जायेंगे। सफल होने का मूल्य अर्थ है, लगन से पूरी तरह जुटे रहना, कोई भी हीरा आपको बता देगा की वह सिर्फ कोयले का टुकड़ा था, जिसने भारी दवाब के बाबजूद हिम्मत नहीं हारी।

 

सफलता की राह में चढ़ाई ही चढ़ाई होती है, इसलिए इसमें गति के कीर्तिमान बनाने की आशा ना करें, बेसब्री आपको बहुत महंगी पड़ेगी, क्योकि आपकी सबसे बढ़ी गलतियां, इसी के कारण होगी, ज्यादातर लोग सिर्फ इसलिए असफल हो जाते है, क्योकि बेसब्र हो जाते है और काम शुरू करने के बाद उसे पूरा नहीं कर पाते है।

 

रुपर्ट ह्यूज ने कहा है, संकल्पवान वयक्ति जंग लगे छोटे से औजार से भी बहुत काम कर सकता है, जबकि आवारागर्दी करने वाला व्यक्ति मैकेनिक के सभी औजारों से भी कुछ नहीं कर सकता है, परिस्थितियां चाहे जैसी हो, उनका सामना करने और डटे रहने की शक्ति ही विजेता का गुण है।

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