Home / स्वर्णिम सिद्धांत / अनावश्यक बोझ उठाने से बचे

अनावश्यक बोझ उठाने से बचे

पिछले कुछ सालों में सैकड़ों लोगों से मिलने का सौभाग्य मिला मैं हमेशा यह देखा कि बहुत से लोग बहुत सी चीजों को अपने सीने से चिपकाए रहते हैं उदाहरण के लिए लोग तीसरी कक्षा की टीचर की आलोचना को याद रखते हैं अपनी उसे सफलता या गलती को याद रखते हैं जो 10-१५ साल पहले हुई थी, या पिछले सप्ताह नकरात्मक पड़ोसी द्वारा कही बातों को याद रखते हैं अफसोस की बात यह है कि इन सब बातों के कारण भी अपनी तकदीर तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो पाते।

 

वह ब्यक्ति मुर्ख है जो सुनी सुनाई हर बात को सच मान लेता है, आपकी जिंदगी में हर किसी को बोलने का अधिकार नहीं है, हर शब्द का जवाब देने की जरूरत नहीं होती है, कामयाब बनने के लिए आप जिस बहुत सशक्त सिद्धांत को अपना सकते हैं, वह यह है कि आप चीजों को खुद से चिपकाएं न रखें और अनावश्यक बोझ ना उठायें।

 

मेरे हिसाब से ईश्वर से क्षमा मांगने का एक बड़ा लाभ यह है कि हम अनावश्यक चीजों के बोझ से मुक्त हो जाते हैं, वह वादा करता है कि अगर हम अपने पाप स्वीकार कर ले, तो वह हमारे पाप क्षमा कर देगा, लेकिन अविश्वसनीय रूप से इस बार वही नहीं रुकता, वैसे इतना होना ही बहुत बड़ी बात होती , वह ये वादा भी करता है कि वह हमें पाप से मुक्त कर देगा, जब वह हमें पाप से मुक्त कर देता है।

 

तो हम परम पिता के सामने सही स्थिति में खड़े होने के काबिल बन जाते है, क्योंकि वह नहीं चाहता कि अनावश्यक बोझ उठायें. जब हम परम पिता के सामने सही स्थिति में आ जाते हैं तो हम असफलताओं और गलतियां गलत शब्दो और अतीत के गलत नजरिए से मुक्त हो जाते हैं। हम भविष्य में सफलता पाने के लिए मुक्त और स्वतंत्र हो जाते हैं।

 

अगर आपको वह नहीं मिलता जो आपके हिसाब से आपको मिलना चाहिए तो चिंता ना करें आज जो चीज इतनी जरुरी लगती हो , हो सकता है कि कल आपके मन में उसकी इच्छा भी ना रहे।

 

पॉल हार्वे ने सही कहा था ऐसे समय में यह याद करने से मदद मिलती है, कि ऐसे समय हमेशा रहे हैं, अगर हम इतनी आसानी से मुश्किल भूल सके, जितनी आसानी से हम अपनी नियामते भूल जाते हैं तो स्थिति कितनी अलग होगी।

 

अनावश्यक बोझ से बचने का एक तरीका यह है कि आप उस चीजों से अपना ध्यान हटा लें जो आपके खिलाफ दिखती है, नकरात्मक चीजों के बारे में सोचने से उन्हें ऐसी शक्ति मिल जाती है, जो उन्हें दरअसल होती ही नहीं अापने दुखरे के बारे में बात करने से भी बढ़ते ही हैं।

खुद को ईश्वर की क्षमा योजना शब्दों से जोड़ें, फिर देखें आप अनावश्यक बोझ वाली स्थितियों से कैसे मुक्त हो रहे हैं।

Facebook Comments

About admin

आपने कीमती समय देकर ब्लॉग पढ़ा धन्यबाद, ये पोस्ट आपको पसंद आया हो तो शेयर करना न भूले, ताकि इसे ज्यादा से ज्यादा लोग पढ़ें, अपना विचार जरूर लिखे, इससे हमें और ज्यादा अच्छी और लेटेस्ट जानकारियाँ लिखने के लिए प्रेरित करेगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *