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Soil Health Card | मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना | SHC


मृदा स्वास्थ्य कार्ड (SHC), मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना।
5 दिसंबर 2015 को भारत सरकार के कृषि मंत्रालय ने Soil Health Card योजना शुरू की।
Soil Health Card एक मुद्रित रिपोर्ट है जिसमें 12 पोषक तत्वों के संबंध में मिट्टी की पोषक स्थिति की विवेचना की गई है:


ये निम्नलिखित है : -पीएच, इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी (EC), ऑर्गेनिक कार्बन (OC), नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), पोटेशियम (K), सल्फर (S) , जिंक (Zn), बोरान (B), आयरन (Fe), मैंगनीज (Mn),
 कॉपर (Cu).


देश के अन्नदाता यानि किसानों को 3 साल के अंतराल पर SHC प्रदान किया जाएगा जिससे किसानों को बेहतर और टिकाऊ मृदा स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता, कम लागत और अधिक लाभ का एहसास करने के लिए मिट्टी परीक्षण मूल्यों के आधार पर पोषक तत्वों की अनुशंसित खुराक लागू करने में समर्थ बनाया जा सके ताकि विकास हो सके।


मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिट्टी की उर्वरता की स्थिति और फसल उत्पादकता को प्रभावित करने वाले अन्य महत्वपूर्ण मृदा मापदंडों की क्षेत्र-विशिष्ट का एक विस्तृत रिपोर्ट है।


Soil Health Card के उद्देश्य:


किसानों की मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करना।

ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सृजन करना।

मृदा विश्लेषण पर जानकारी विस्तृत करने के लिए।

किसानों को अपने घर पर ही मृदा परीक्षण की सुविधा प्रदान करना।


Soil Health Card की जानकारी:


फसली क्षेत्र को बारिश के लिए 10 हेक्टेयर और सिंचाई के लिए 2.5 हेक्टेयर के ग्रिड में विभाजित किया गया था और प्रत्येक ग्रिड से केवल एक मिट्टी का नमूना लिया गया था और परीक्षण के उपरांत वैसे सभी किसानों को वितरित किए जाएंगे जिनका क्षेत्र ग्रिड के नीचे गिर रहा था।

मिट्टी के नमूनों को मानक मापदंडो के माध्यम से संसाधित किया जाता है और पीएच, विद्युत चालकता (ईसी), कार्बनिक कार्बन (OC), उपलब्ध N, P, K, S और सूक्ष्म पोषक तत्व (Zn, Cu, Fe, Mn और B) जैसे विभिन्न मापदंडों के लिए उनका उचित विश्लेषण किया जाता है।

राज्य सरकार अपने कृषि विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से या एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मचारियों के माध्यम से मृदा-नमूने एकत्र करेगी। ऐसा प्रावधान भी है कि राज्य सरकार स्थानीय कृषि / विज्ञान महाविद्यालयों के छात्रों को भी इस योजना में शामिल कर सकती है।

रबी और खरीफ की फसल की कटाई के बाद या उस अवधि में जब खेत में कोई फसल नहीं रहती है, तो साल में दो बार आम तौर पर मिट्टी के नमूने एकत्र किए जाते हैं।

Soil Health Card के लाभ:

SHC किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने और उत्पादकता बढ़ाने में काफी मदद करता है।

एसएचसी प्राप्त करने के बाद किसानों ने एन, पी और के उपयोग को कम कर दिया है और मुख्यतः नाइट्रोजन का उपयोग किया है और सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग में वृद्धि की है जिससे उन्हें प्रजनन क्षमता बढ़ाने में काफी मदद मिली है।

SHC ने किसानों को धान और कपास जैसी अधिक इनपुट-गहन फसलों से कम इनपुट-गहन फसलों की ओर विविधता लाने में काफी मदद की है।

SHC ने  किसानों को इनपुट प्रतिस्थापन खोजने में भी मदद की है।

SHC के माध्यम से किसान भाइयों ने सरकारों से सब्सिडी वाले सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसी विशिष्ट योजनाओं के निर्माण में मदद की है।


Soil Health Card की कमियां: 

कई किसान सामग्री को समझने में असमर्थ हैं, इसलिए अनुशंसित प्रथाओं का पालन करने में वे असफल हो जाते हैं।

प्रति इकाई क्षेत्र में मिट्टी के नमूनों की संख्या मिट्टी की परिवर्तनशीलता पर आधारित नहीं होती है।

कृषि विस्तार अधिकारियों और किसानों के बीच बेहतर समन्वय का अभाव होना भी उदासीनता का कारण है।

माइक्रोबियल गतिविधि, नमी प्रतिधारण गतिविधि आवश्यक है लेकिन इस स्कीम में नदारद है।

यह योजना रासायनिक पोषक संकेतकों पर अधिक केंद्रित है- भौतिक और जैविक गुणों के बीच केवल मिट्टी का रंग ही शामिल है।


Soil Health Card के महत्वपूर्ण संकेतक


  • फसल का इतिहास 
  • जल संसाधन  
  • मिट्टी की ढलान स्थिति  
  • मिट्टी की गहराई की अवस्था  
  • मिट्टी का रंग 
  • मिट्टी की बनावट आदि तत्व इसके मुख्य संकेतक है.



Soil Health Card: Conclusion 

एक व्यापक वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुशंसित खुराकों को अपनाने के माध्यम से हर ब्लॉक में प्रयोगात्मक आधार पर Soil Health Card के लाभों के प्रदर्शन की आवश्यकता है जिससे यह स्कीम सफल हो सके।

मृदा के प्रबंधन के लिए केंद्रीय स्तर के साथ-साथ राज्य स्तर पर एक विशेष निकाय और इसके समय -समय पर समीक्षा की आवश्यकता है। विभिन्न एजेंसियों को सेवा की गुणवत्ता की निगरानी की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए ताकि इसका समुचित विकास और प्रभाव देखा जा सके।

सरकारी एजेंसियों को Soil Health Card वितरण और जागरूकता अभियानों को बुवाई के मौसम से पहले व्यवस्थित करने की आवश्यकता है, ताकि किसान अनुशंसित फसल विकल्प और उर्वरकों का अभ्यास करेंगे और उनको इसके बेहतर परिणाम प्राप्त हो पाए।

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