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This Year Will Be The Year of Nature - प्रकृति की कहानी हिंदी में


दोस्तों चारों तरफ कोरोनावायरस से हाहाकार मचा हुआ है । सरकारी ऐसी स्थिति से निपटने के लिए  पुरजोर प्रयास कर रही है ।  विश्व में लाखों लोग कोरोनावायरस के संक्रमण के शिकार हो चुके हैं और मृतकों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है ।

 Coronavirus के कारण हर जगह लॉकडाउन की स्थिति है। Lockdown में मिली इन छुट्टियों को आप कैसे इंजॉय कर रहे हैं आशा करते हैं कि आप अपने घरों में अपने को सकारात्मक बनाए रखने का हर संभव प्रयास कर रहे होंगे। चलिए मैं  अपनी बात बताता हूं ।

आज हमारे शहर का मौसम बहुत ही खुशनुमा है और ठंडी ठंडी हवाएं बह रही हैं जिसके कारण मन तो करता है कि बाइक लेकर सड़कों पर निकल जाऊं ताकि इस खिली खिली धूप के बीच बहती  ठंडी हवाओं का आनंद जी भर कर उठा पाऊं।

परंतु Coronavirus के बढ़ते प्रसार के कारण ऐसा करना संभव नहीं है और अगर मैं ऐसा करता हूं तो यह Lockdown के नियमों के खिलाफ होगा इसी बात का ख्याल करके आज मैं अपने घर के छत पर गया। यहां आकर  मुझे इतनी अच्छी अनुभूति हुई कि मैं काफी देर तक छत पर आत्ममुग्ध होकर प्रकृति को निहारता रहा। Nature (प्रकृति) का यह सुंदर रूप काफी दिनों के बाद देखने को मिला ।

 Nature In Lockdown - प्रकृति की कहानी हिंदी में 


ज्ञात रहे कि  Lockdown पीरियड में पर्यावरण को काफी आराम पहुंचा है । ऐतिहासिक बात यह है कि पर्यावरण में जहरीली हवा का स्तर अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुका है जिसके कारण प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लग गए हैं। Lockdown के कारण गाड़ियों का परिचालन एवं अन्य फैक्ट्रियों से निर्माण कार्य ठप होने के कारण जहरीली गैसों का उत्सर्जन बंद हो गया है जिसके कारण Nature (प्रकृति) अपने को काफी रिलैक्स महसूस कर रही है।

ऐसे समय में अक्सर ऐसी खबरें आ रही है कि जंगलों से जंगली जानवर वीरान पड़ी सड़कों पर घूमते देखे जा रहे हैं। जंगली जानवरों को सड़कों पर ऐसे विचरण करते देख लोग उनके वीडियो बनाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। और लोग ऐसा करें भी क्यों नहीं  क्योंकि  फिर से शायद उन्हें  यह मौका ना मिले ।

 Nature (प्रकृति) का यह अनोखा रूप अपने आप में ऐतिहासिक है और बीते कई पीढ़ियों ने संसार में ऐसी स्थिति नहीं देखी। Nature (प्रकृति) का यह अनोखा नजारा देखने वालों के लिए यह  अभूतपूर्व स्थिति रहेगी। आज लाखों पर्यटन स्थल सुनसान हो चुके हैं और ऐसे स्थल पहले से भी और सुंदर हो गए हैं। नदिया खुद-ब-खुद प्रदूषण मुक्त होने के कगार पर खड़ी हैं जिसके लिए सरकार को न जाने कितनी मशक्कत करनी पड़ी है।

Nature in India - भारत में प्रकृति 

 

भारत में अभी गर्मियों के मौसम की शुरुआत हुई है।  इस समय Nature (प्रकृति) की अदम्य छटा देखते ही बनती है चारों ओर हरियाली ही हरियाली व्याप्त है। पेड़ों पर नए हरे हरे पत्ते आंखों को काफी ठंडक पहुंचाते हैं क्योंकि इन महीनों में  पेड़ अपने को नए पत्तों की चादर से ढक लेते हैं। अगर आप Nature (प्रकृति) प्रेमी है तो ऐसे अनुभवों को सहेजना अपने आप में एक नई अनुभूति प्राप्त कराती है।

Nature (प्रकृति) को सही तरीके से महसूस करने के लिए आपके अंदर एक बच्चे की इच्छा जागृत  करने की  ललक जरूर होनी चाहिए जिससे  आपके भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके। वर्तमान परिपेक्ष में संपूर्ण मानव जाति को तकनीक ने अपने आगोश में ले लिया है जिससे हर व्यक्ति अपने को किसी ना किसी प्रकार से तनावग्रस्त महसूस करता है।

मनुष्य की दिनचर्या ही सुबह होते ही मशीनों पर निर्भर होती है जिसके कारण लोगों की सामाजिक एवं भावनात्मक गतिशीलता का भारी अभाव होता जा रहा है जो मानव जीवन की सार्थकता को काफी न्यूनतम स्तर की ओर धकेल रहा है। इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम अपने चेतना के स्तर में बढ़ोतरी करें, जिसके लिए Nature (प्रकृति) के सानिध्य में अपने को बनाए रखने से बेहतर कोई उपाय नहीं हो सकता।

Conclusion 

मानव विकास में Nature (प्रकृति) का बहुत बड़ा योगदान है। Nature (प्रकृति) के द्वारा प्रदत्त संसाधनों के बल पर ही आज मानव जाति के बीच अपने को एक दूसरे से शक्तिशाली साबित करने की होड़ मची है। पूरे विश्व में कोरोनावायरस का प्रसार भी मनुष्य द्वारा प्राकृतिक व्यवस्था से छेड़छाड़ का ही एक परिणाम है जिसे अंततः मानव जाति को ही भोगना पड़ रहा है।

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Amit

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