दस्त (अतिसार) का जबरदस्त घरेलू उपचार

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आप सभी पाठकों का लेटेस्ट जानकारी में स्वागत है, आज आप जानेंगे दस्त का सामाधान। दस्त एक ऐसा बीमारी है जो बहुत ही कष्टदायक होता है, जब होता है तो सरीर में पानी की कमी होने लगता है, और ज्यादा समय तक होने से जिंदगी खतरे में भी आ सकता है, इसका उपचार जितनी जल्दी किया जाये उतना अच्छा है. आज आप ये ब्लॉग में जानेंगे की कैसे दस्त होने पर घरेलू उपचार का फायदा लेना है.

दस्त के कारण

जब खाया हुआ भोजन बिना पचे आदि बची हुई अवस्था में खाने की 6 – 7 घंटे के अंदर ही स्पीड के साथ पतले मल के रूप में निकलने लगे, तो ऐसी अवस्था दस्त या अतिसार कहलाती है. इस रोग मैं भोजन के सूक्ष्म अंशों युक्त द्रव को ग्रहण करने की आंत की शक्ति बहुत घट जाती है, जिस बच्चों को आरंभ से ही मां का दूध नहीं मिल पाता, वो भी अतिसार से पीड़ित रहता है, बिना ढका हुआ, खट्टा हो चुका हुआ भोजन करने से यह रोग होता है, क्योंकि ऐसा भोजन जीवाणुओं के संपर्क से अम्ल युक्त हो जाता है.

दस्त के कुछ लक्षण

पेट में गुड़गुड़ाहट दुर्गंध युक्त व पतले मल का बार बार आना ही इस रोग के लक्षण है।

घरेलू चिकित्सा से दस्त का निवारण

(1) एक चम्मच अदरक का रस आधी कटोरी उबले हुए गर्म पानी में मिलाकर 1 – 1 घंटे के अंदर से घुट घुट कर पीते रहे, दो तीन खुराक में ही आराम हो जाएगा।

(2) बेलगिरी का गुर्दा एक भाग, सूखा धनिया एक भाग और मिश्री दो भाग पीसकर रख लें, एक चम्मच चूर्ण    दिन में तीन बार दें।

(3) कच्चे दूध में नींबू निचोड़कर पिलाने से दस्त में तुरंत आराम मिलता है।

(4) भुनी हुई फिटकरी एक भाग, दालचीनी दो भाग, व कत्था दो भाग मिलाकर पीस ले, आधे चम्मच की मात्रा में दिन में तीन बार दे।

(5) धनिया 1 भाग, जीरा 1 भाग, आंवले का चूर्ण दो भाग मिलाकर पानी में चटनी की तरह पिस लें. इस चटनी में स्वाद के अनुसार सेंधा नमक मिलाकर 4 – 4 घंटे के अंतर से रोगी को चटायें।

(6) सुखी बेलगिरी का गुर्दा ईसबगोल, सौंफ और शक्कर बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख ले, एक एक चम्मच मिश्रण दिन में तीन बार उबालकर ठंडे किए हुए पानी से दे।

(7) प्याज को कूटकर ताजी दही में मिलाकर खिलाएं।

(8) सफेद जीरा एवं शौफ बराबर मात्रा में लेकर तवे पर भुनकर पिस लें. यह चूरन ताजे दही में मिलाकर देने से अतिसार में तुरंत लाभ होता है।

(9) मीठे नीम के 20 पत्तों का रस एक चम्मच शहद में मिलाकर लें।

(10) खाना खाने के बाद छिलका उतरा हुआ सेव खाएं।

(11) रोगी को हर 2 घंटे बाद एक एक कटोरी घीया का रायता पिलाएं।

Note: इस तरह दस्त की परेशानियों से निजात मिल जाएगा क्योंकि सबसे जरूरी जानने वाली बात यह है की जानकारी का न होना बीमारी को बढ़ा देता है, इसलिए हमने जो इस पोस्ट में बताया है इसे आप याद रखें या कहीं लिखकर रख ले. आपके साथ या आपके घर में किसी को या फिर ऐसा आपके पास पड़ोस में किसी के साथ होता है दस्त  या अतिसार कि शिकायत, तो उसे यह बताए हुए घरेलू नुस्खे के द्वारा आराम दिलवाया जा सकता है।

admin

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