किंग कैम्प जिलेट सफलता का राज (जिलेट के संस्थापक)

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नए काम का मतलब सिर्फ यही नहीं हैं कि आप स्टीव जॉब्स की तरह कंप्यूटर का आविष्कार करें या बेजोस अथवा डेल की तरह ऑनलाइन सामान बेचें। नए काम का मतलब किसी छोटी सी जरूरत को पूरा करना भी हो सकता हैं, जैसे दाढी बनाने का रेजर और सेफ्टी ब्लेड। किंग सी . जिलेट ने सेफ्टी रेजर ब्लेड का आविष्कार किया था और आज उनकी बनायी जिलेट कंपनी दुनिया भर में अरबों डॉलर का कारोबार कर रही हैं।

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2 जनवरी 1855 को जन्में किंग कैम्प जिलेट 21 साल की उम्र में ट्रेवलिंग सेल्समेन बन गए। इसके बाद वे 28 वर्षों तक घूम – घूम कर सामान बेचते रहे, लेकिन उनका मन तो आविष्कार की दुनिया में रमा हुआ था। वे कोई ऐसा आविष्कार करना चाहते थे, जिससे उनका नाम दुनिया भर में मशहूर हो जाए और वे अमीर भी बन जाए।

 

यही वजह हैं कि सेल्समेन की काम के बाद बचे समय में वे आविष्कार करते रहे।उन्होंने नल के वाल्व बनाए, बिजली के तार का कवर बनाया और ऐसे ही कई अन्य आविष्कार किये। बहरहाल, इन आविष्कारों से उन्हें कोई ख़ास आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं हुआ।

 

आविष्कार के प्रति जिलेट की ललक को देखते हुए उनकी कंपनी के चेयरमैन विलियम पेंटर ने उन्हें सलाह दी कि वे कोई ऐसी चीज बनाने के बारे में सोचे, जिसे जनता एक बार उपयोग में लाने के बाद फेंक सके, ताकि वह चीज बार – बार तथा अधिक मात्रा में बिक सके।

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विलियम पेंटर की यह सलाह जिलेट के मन में कौंधती रही और वे डिक्शनरी उलट – पुलट कर देखते रहे, ताकि किसी शब्द से उनके मन में कोई नया विचार आ जाए। जिलेट किसी ऐसी चीज का आविष्कार करना चाहते थे, जिसे लोग बार – बार खरीदें।

 

1895 में जब वे एक दिन अपने भौंथरे उस्तरे से दाढी बना रहे थे, तो उनके मन में एक नया विचार आया। उन्होंने अपने पुराने उस्तरे को देखते हुए सोचा कि क्या ऐसी सेफ्टी रेजर ब्लेड बनायी जा सकती हैं, जिसे दाढी बनाने वाले हर सप्ताह खरीद सके और उन्हें पुराने उस्तरे को बार – बार घिसकर उसकी धार तेज न करनी पड़े।

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उनकी आँखों के सामने एक पतली ब्लेड की तस्वीर उभर आयी, जिसके दोनों सिरे पर धार थी। फिर उन्होंने इसके होल्डर के बारे में सोचा, जिसमें ब्लेड लगाई जा सके। जैसे ही उसके मन में यह नया विचार आया, वे इसे साकार करने की दिशा में चल पड़े।

 

सिर्फ विचार ही काफी नहीं था ; राह में बहुत सी मुश्किलें खड़ी थी। ब्लेड बनाने के बारे में जिलेट ने मैसेच्यूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों से सलाह ली। उन्होंने जिलेट को बताया कि इतनी पतली ब्लेड बनाना संभव नहीं हैं, परन्तु जिलेट ने हार नहीं मानी। अपने सपने को साकार करने के लिए वे इतने संकल्पवान थे कि हर विशेषज्ञ के पास जाकर मान – मनुहार करते रहे।

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आखिर जिलेट की मुलाक़ात विलियम एमरी निकरसन से हुई, जो रेजर ब्लेड बनाने के लिए तैयार हो गए। जिलेट की लगन 1901 में रंग लाई जब पहली रेजर ब्लेड तैयार हो गयी।

 

1903 में सेफ्टी रेजर का उत्पादन शुरू हुआ। 1904 में जिलेट को इसका पेटेंट मिल गया। उन्होनें अमेरिका तथा यूरोप के अखबारों तथा पत्रिकाओं में विज्ञापन दिया। 1906 तक 1.2 करोड़ ब्लेडें बिकी, जिनसे 90000 डॉलर की आमदनी हुई। जिलेट रेजर ने किंग कैम्प जिलेट को मिलियनेयर बना दिया। उन्हें एक ऐसी वस्तु की आविष्कार के लिए याद रखा जाएगा, जिसका इस्तेमाल दुनिया भर के लोग हर दिन करते हैं।

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जिलेट कंपनी अपने नवाचार के लिए जानी जाती हैं और इसने बाद में ट्विन ब्लेड से लेकर ट्रिपल ब्लेड और फाइव ब्लेड तक का आविष्कार भी किया हैं। जब जिलेट ने 1901 में लंदन में अपना ऑफिस खोला था, तो शायद उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी कि उनकी कंपनी का कारोबार 200 से ज्यादा देशों में फ़ैल जाएगा। बहरहाल, उनका सपना सच हुआ और वे ऐसा आविष्कार करने में सफल हुए, जिसने दुनिया भर में उनका नाम कर दिया और उन्हें दौलतमंद बना दिया।

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