ढाई अक्षर प्रेम के – ज्ञानवर्धक कहानी

48 total views, 2 views today नारद भक्तिसूक्त में प्रेम के स्वरुप का प्रतिपादन करते हुए कहा गया हैं – प्रेम का स्वरुप अनिर्वन्च्नीय हैं। वह गूंगे…