eBay Founder पियेर ओमिदयार के सफल जीवन

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पियेर ओमिदयार ने अपनी eBay नामक कंपनी से ऑनलाइन नीलामी की शुरुआत की। उन्होंने 1995 में ऑनलाइन बाजार eBay की स्थापना करके इन्टरनेट कॉमर्स का नक्शा ही बदल दिया। eBay ने व्यक्तिगत नीलामी का एक ऐसा मंच तैयार किया, जहां खरीददार और विक्रेता वस्तु की कीमत आपस में तय कर सके और मोलभाव कर सके।

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रोचक बात यह हैं कि जब पियेर ने eBay की स्थापना की थी, तो उनका इरादा व्यावसायिक सफलता पाने का नहीं था। शुरू में तो यह शौकिया काम था, जिसने बाद में बहुत बड़े व्यवसाय का रूप ले लिया।

 

उनकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं कि आज eBay इंक दुनिया का सबसे बड़ा इन्टरनेट बाजार हैं, जहां 1 डॉलर के बेसबॉल कार्ड से लेकर 4.9 मिलियन डॉलर का प्राइवेट बिजनेस जेट तक सब कुछ बिकता हैं।

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eBay शुरू करने की बदौलत आज पियेर का नाम आज दुनिया के अमीरों की सूची में 141 वें स्थान पर हैं और उनके पास 6.7 अरब डॉलर की संपत्ति हैं। 1967 में जन्में पिएर ओमिदयार ने मैसेच्युसेट्स की टफटस  यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस का अध्ययन किया और इसके बाद कंप्यूटर उद्योग में चले गए।

 

पहले वे क्लोरिस कंपनी में और फिर जनरल मैजिक इंक में सॉफ्टवेयर डेवलपर का काम करने लगे। बाद में उन्होंने तीन दोस्तों के साथ मिलकर इंक डेवलपमेंट कारपोरेशन की स्थापना की। यह कंपनी ऐसा सॉफ्टवेयर बनाती थी, जिससे कंप्यूटर कीबोर्ड के बजाय पेन से लिखे निर्देशों को समझ लेता था। बाद में इस कंपनी का नाम बदलकर ई-शॉप हो गया और इसे माइक्रोसॉफ्ट ने खरीद लिया, जिससे ओमिदयार मिलियनेयर बन गए।

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यहीं से eBay शुरू हो गया। eBay का विचार उनके मन में तभी से था जब एक दिन उनकी गर्लफ्रेंड पामेला ने उन्हें बताया कि उसे पेज डिस्पेंसर इकठ्ठा करने का शौक हैं। पामेला इसी शौक वाले दुसरे लोगों से संपर्क करके डिस्पेंसर का आदान – प्रदान करना चाहती थी। इससे ओमिदयार के मन में यह विचार आया कि क्यों न नीलामी की एक वेबसाइट बनायी जाए, जहां लोग आमने – सामने सामान खरीद – बेच सके और विचारों का आदान – प्रदान कर सकें।

 

ओमीदयार ने बाद में कहा, मैं एक ऐसा बाजार बनाना चाहता था, जहां सबके पास एक सी जानकारी हो। ओमिदयार ने eBay को 1995 में बड़े ही हलके – फुल्के ढंग से शुरू किया।

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यह वेबसाइट के रूप में नहीं बल्कि एक होमेपगे के रूप में शुरू हुआ। उस समय ओमिदयार को भी उम्मीद नहीं था कि शौक – शौक में किया गया उनका यह काम जल्द ही इतना लोकप्रिय हो जाएगा। उन्होंने बाद में न्यू यॉर्क टाइम्स को दिए हुए एक इंटरव्यू में कहा, मैं eBay से कोई बहुत बड़ा बिजनेस शुरू करने नहीं निकला था। लेकिन जब ऐसा हुआ, तो  मैंने अवसर का लाभ उठा लिया।

 

1996 में उन्होंने अपने बाकी सभी काम छोड़ दिए और eBay पर ही पूरा ध्यान देने लगे। eBay से पहले भी नीलामी की  कई वेबसाइटें मौजूद थी, लेकिन उन वेबसाइट पर वही सामान बिकता था, जो वेबसाइट बनाने वाले चाहते थे। eBay इस मामले में अलग था क्योंकि यहाँ पर बिकने वाले सामान को कंपनी तय नहीं करती थी, बल्कि ग्राहक या इन्टरनेट का प्रयोग करने वाले तय करते थे।

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मई 1998 तक eBay पर एक करोड़ नीलामियाँ हो चुकी थी और अगस्त 1998 में इसके दस लाख रजिस्टर्ड यूजर हो गए। सितम्बर 1998 में इसका आई. पी. ओ. जारी हुआ। 18 डॉलर में जारी इसके शेयर का भाव जब 53.50 डॉलर तक पहुँच गया, तो eBay के स्टाफ ने डांस करके जश्न मनाया।

 

इसे संयोग कहे या निर्णय शक्ति, ओमीदयार ने इन्टरनेट पर बहुत ही अच्छा व्यावसायिक प्रयोग किया। सामान बेचने वाला eBay को कमीशन देता था और हालांकि कमीशन बस कुछ ही डॉलर होता था, लेकिन अगर हर दिन 5 लाख सामान बिक रहे हो, तो मुनाफ़ा बहुत ज्यादा हो जाता हैं।

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ओमिदयार की कंपनी मल्टी बिलियनेयर कंपनी बन चुकी हैं। सितम्बर 2011 में इसके 9.9 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य थे, जिनमें से 30 लाख भारत में थे। 39 देशों में कार्यरत इस कंपनी की वेबसाइट पर औसतन हर सेकंड 1,877 डॉलर का सामान बिकता हैं। यहाँ हर 4 मिनट में एक मोबाइल बिकता हैं, हर 19 मिनट में एक लैपटॉप और हर 29 मिनट में एक डिजिटल कैमरा।

 

2010 में eBay को 9.156 अरब डॉलर की आमदनी हुई थी और 1.801 अरब डॉलर का मुनाफा। ओमिद्यार के नए काम के बदौलत एक खाली बेडरूम में शुरू हुई छोटी सी कंपनी आज दिग्गज कंपनी में बदल चुकी हैं।

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