हारने वाले लोगों की सच्चाई, जोखिम से घबरा जाना

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अक्सर इंसान जीवन भर जाने पहचाने मार्ग पर ही चलता रहता है, और अनजान राह पर चलने से घबराता है, जैसा सेक्सपियर ने अपने प्रख्यात नाटक ‘हेमलेट’ में कहा है, इंसान इस संसार की जानी पहचानी मुसीबतों को सिर्फ इसलिए सहन करता है, क्योकि भविष्य अज्ञात होता है, हम सभी अंधेरों में जाने से सिर्फ इसलिए घबराते है, क्योकि अँधेरे में हमें असुरक्षा का एहसास होता है, वहां जोखिम होता है.

 

नया काम करते समय भी कुछ ऐसा ही होता है, वास्तिविकता यह है की अगर आप नया काम करना चाहते है, और आमिर बनना चाहते है, तो जोखिम लिए बिना काम नहीं चलेगा. यह ना भूलें की संसार के अधिकांश अमीरों ने जोखिम लेकर ही दौलत कमाया है,

 

नया काम करना आसान नहीं होता है, अगर आसान होता, तो संसार का हर व्यक्ति नया काम करके आमिर बन जाता। इसमें बहुत संकल्प , इच्छाशक्ति और मनोबल की जरुरत होती है, इसमें आलोचना के तीर झेलते हुए, लम्बे समय तक मेहनत करने की जरुरत होती है, इसमें जोखिम लेने की जरुरत होती है, और मुश्किलों से ना घबराने के हौसले की भी.

 

नया काम करने में जोखिम इसलिए भी ज्यादा रहता है, क्योकि इसका कोई पूर्व उदाहरण नहीं होता है,

 

जाहिर है नए काम के विचार में मार्किट रिसर्च काम नहीं आती है, जैसा पीटर ड्रकर ने कहा है, कोई किसी ऐसी चीज की मार्किट रिसर्च नहीं कर सकता, जो आस्तित्व में ना हो.

admin

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