अफारा व पेट दर्द का शानदार घरेलू उपचार

10,159 total views, 2 views today

अफारा व पेट दर्द

आप सभी रीडर्स का लेटेस्ट जानकारी में स्वागत है, हमारी हमेशा से ही आपके लिए कुछ खास ज्ञान देने की कोशिश रहता है, आज भी आप हमारे इस पोस्ट के माध्यम से जानकारी पाएंगे की अफारा व् पेट दर्द से कैसे छुटकारा पाया जाये, तो इसके लिए ये पोस्ट पूरी तरह पढ़े और जानकारी प्राप्त करें।

कारण

आहार – विहार की गड़बड़ी के कारण जब लम्बे समय तक अग्नि मंद रहे और चिकित्सा न की जाए तो पाचन तंत्र अत्यधिक बिगड़ जाता हैं। दूसरे शब्दों में , अजीर्ण की अपेक्षा करने पर यह रोग उत्पन्न होता हैं। कब्ज़ और अजीर्ण की चिकित्सा न होने से पेट में वायु और मल का अवरोध हो जाता हैं। अफारा होने पर तुरंत कोई चिकित्सा न की जाए , तो पेट में भयंकर दर्द शुरू हो सकता हैं , जिसे उदरशूल या वायुशूल कहते हैं।

लक्षण

पेट में मल और वायु का अवरोध हो जाने के कारण रोगी का पेट फूल जाता हैं। रोगी को घबराहट और बेचैनी रहती हैं , उसे लेटकर या बैठकर किसी भी अवस्था में चैन नहीं मिलता। कभी – कभी वायु और मल का यह अवरोध इतना तीव्र होता हैं कि रोगी को भयंकर पेट दर्द होता हैं और रोगी दर्द से चिल्लाता हैं।

 

घरेलू चिकित्सा

  • जम्बीरी नींबू का रस , अजवायन और सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से अफारे में तुरंत आराम मिलता हैं।
  • नींबू के रस में जायफल घिसकर चाटने से वायु अवरोध शीघ्र ही समाप्त हो जाता हैं।
  • सोंठ के चूर्ण ( 1 चमच्च ) में थोडा सा काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी से दें।
  • आधा चमच्च पीसी हुई अजवायन में चुटकी भर काला नमक मिलाकर आधा कप गर्म पानी से दें।
  • पेट में तेज दर्द हो , तो घी में हींग और नमक डालकर गर्म करें तथा रोगी की नाभि पर व नाभि के चारों ओर मल दें। इसके साथ – साथ नींबू के रस में भुनी हुई हींग व नमक डालकर दो – दो चमच्च की मात्रा में कई बार पिलाएं।
  • अदरक व प्याज का रस मिलाकर तीन – तीन चमच्च रोगी को दें।
  • अदरक को पीसकर उसमें नमक , जीरा व नींबू डालकर सूप बनाकर रोगी को दें।
  • अजवायन को नींबू के रस में भिगोकर रखे व छाया में सुखाये। सूखने पर उसका चूर्ण बना लें व काला नमक मिला लें। इसमें से एक चमच्च चूर्ण गर्म पानी के साथ दें।
  • अजवायन व सोंठ को बराबर मात्रा में पीसकर रख लें। फिर थोड़ा सा काला नमक मिलाएं। यह चूर्ण एक चमच्च की मात्रा में गर्म पानी के साथ दें।
  • एक चमच्च प्याज के रस में बराबर की मात्रा में शहद मिलाकर दें।
  • नीम के फूल या तुलसी के पत्ते पीसकर पेट पर लेप करें।
  • सरसों व चावल बराबर मात्रा में पीसकर एक कटोरी पानी में उबाले। खिचड़ी की तरह गाढ़ी हो जाने पर एक कपड़े पर फैला दें व पेट पर रखें।
  • एक चमच्च सौंफ को एक कप गर्म पानी में उबाल कर दें। सौंफ की जगह एक चमच्च शहद या गुलाब जल को गर्म पानी के साथ दे सकते हैं।
  • पुदीने के 10 – 15 पत्ते 1 कप पानी में उबालकर पिलाने से उदरशूल व अफारे में तुरंत लाभ मिलता हैं।
  • धनिया , लौंग व जायफल बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। यह आधा चमच्च चूर्ण चुटकी भर कपूर के साथ गुनगुने पानी से दें।
  • मेंथी के दाने भूनकर चूर्ण बना लें व एक चमच्च की मात्रा में गर्म पानी के साथ दें।
  • कलौंजी , काली मिर्च और सोंठ बराबर मात्रा में मिला दें। इसमें से यह 2 चुटकी चूर्ण 1 कटोरी गर्म पानी के साथ दें।
  • 4 चमच्च अनार के फूलों का रस मिलाकर दें।
  • धनिया , सौंफ व सोंठ बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाएं। 1 चमच्च चूर्ण व चुटकी भर हींग को 1 कटोरी गर्म पानी से दें।
  • तुलसी के 20 पत्ते पीसकर चटनी बना लें व इसे नाभि के चारों ओर पेट पर लेप करें।
  • दिन में तीन बार संतरे के रस का प्रयोग करें।

 

भोजन एवं परहेज :

गरिष्ठ और रूखा भोजन नहीं करना चाहिए। नींबू , हींग , अदरक , मूली , प्याज आदि चीजें इस रोग में विशेष रूप से फायदेमंद होती हैं।

 

नोट: बताये हुए बिधि को यूज़ करते रहे आपको फायदा अवश्य मिलेगा, और फिर भी मन में कोई संकोच है, तो एक बार डॉक्टर की परामर्श अवश्य लें. हमारे लेटेस्ट जानकारी के पोस्ट को इसी तरह पढ़ते रहे और फायदा प्राप्त करते रहें।

 

आगे ये भी पढ़ें

सबसे ज्यादा धोखा खाता है स्वार्थी व्यक्ति
एक भी महान काम अचानक नहीं हुआ है
जिंदगी में बाधा ना आये तो कामयाबी का मज़ा ही क्या है
आपकी आधी सफलता आपके संगत से तय होता है

admin

आपने कीमती समय देकर ब्लॉग पढ़ा धन्यबाद, ये पोस्ट आपको पसंद आया हो तो शेयर करना न भूले, ताकि इसे ज्यादा से ज्यादा लोग पढ़ें, अपना विचार जरूर लिखे, इससे हमें और ज्यादा अच्छी और लेटेस्ट जानकारियाँ लिखने के लिए प्रेरित करेगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published.