फ्रैंक वूलवर्थ एक सफल उद्योगपति

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न्यू यॉर्क स्टेट के रोडमैन में जन्में फ्रैंक वूलवर्थ चेन स्टोर की अवधारणा के प्रवर्त्तक थे। वे गरीब परिवार में पैदा हुए थे और उन्होंने अपने करियर के शुरुआत में बहुत सी मुश्किलें झेली थी, लेकिन इसके बावजूद वे अपने जमाने में अमेरिका के सबसे अमीर आदमी बन गए।

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उन्होंने पांच और दस सेंट में सामान बेचने की अवधारणा को पूरे अमेरिका में लोकप्रिय कर दिया। 1879 में एक छोटे से स्टोर से शुरुआत करके उन्होंने 40 साल के भीतर 1000 स्टोर खोल डाले। वूलवर्थ की स्टोर्स चेन पहली रिटेल चेन थी, जो कम कीमत वाले सामान बेचने पर केन्द्रित थी।

 

फ्रैंक वूलवर्थ की सफलता का रहस्य क्या था ? सिर्फ यह कि उनके पास एक विचार था… एक अद्भुत विचार ! जिस वक़्त उनके मन में यह विचार आया, उस वक़्त वे दस डॉलर प्रति सप्ताह की तनख्वाह पर मिडवेस्ट की एक दूकान पर काम कर रहे थे।

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उस वक़्त मिडवेस्ट की दुकानों में पांच सेंट की बोतल रखने की प्रथा शुरू हो गयी थी। इस टेबल पर वह पुराना या बेकार सामान रखा जाता था, जो स्टोर में काफी समय से पडा होता था और बिक नहीं रहा होता था। ग्राहक सस्ता सामान खरीदने के प्रलोभन में फँस जाते थे और इस चक्कर में स्टोर से दुसरे सामान भी खरीद लेते थे।

 

वूलवर्थ के मालिक मूर एक बार न्यू यॉर्क से हर माल पांच सेंट वाली 100 डॉलर की चीजें खरीदकर ले आए। वूलवर्थ ने वह काउंटर जमाया और उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि पूरा सामान एक ही दिन में बिक गया।

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इससे वूलवर्थ की आँखें फटी रह गयी। उन्होंने सोचा कि क्यों न एक ऐसा स्टोर शुरू किया जाए, जहां हर सामान पांच सेंट में ही बेचा जाय। अगर एक टेबल पर रखा सामान इतनी जल्दी बिक जाता हैं, तो फिर उस स्टोर का सामान भी जल्द ही बिक जाएगा और उन्हें ढेर सारा मुनाफ़ा होगा। इस बेहतरीन विचार के आते ही वूलवर्थ ने तीन सौ डॉलर उधार लिए और फरवरी 1879 में यूटिका, न्यू यॉर्क स्टेट में अपना द ग्रेट फाइव सेंट स्टोर खोला। इसमें 321 डॉलर का सामान था और हर सामान की कीमत 5 सेंट थी।

 

बहरहाल, यह स्टोर ज्यादा नहीं चला और जल्द ही बंद हो गया। लेकिन वूलवर्थ ने हिम्मत नहीं हारी और उसी साल जून में लैंकास्टर में एक और स्टोर खोल लिया। यहाँ उन्होंने पांच और दस सेंट में सामान बेचा। लैंकास्टर की दूकान सफल हो गयी। नवम्बर 1880 में उन्होंने पैनसिल्वेनिया के स्क्रैंटन में एक और स्टोर खोला।

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यह भी सफल रहा और इसके बाद वूलवर्थ ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1895 तक वूलवर्थ के पास 28 स्टोर हो चुके थे, जिनमें उनके पुराने मालिक विलियम मूर का स्टोर भी शामिल था। तब तक उनकी आमदनी 10 लाख डॉलर से ज्यादा हो चुकी थी। वूलवर्थ तेजी से तरक्की करते गए। जनवरी 1918 में उनका 1000 वाँ स्टोर खुला।

 

एक विचार से शुरू हुआ वूलवर्थ का बिजनेस अब विश्वव्यापी बन चुका था। अप्रैल 1913 में जब वूलवर्थ बिल्डिंग बनकर तैयार हुई, तो यह उस समय दुनिया की सबसे ऊंची इमारत थी।

 

1916 में वूलवर्थ की आमदनी 8.7 करोड़ डॉलर हो गयी थी और 8,000 से अधिक जनसंख्या वाले हर अमेरिकी कसबे में वूलवर्थ का स्टोर खुल चूका था। वूलवर्थ कम कीमत पर सामान बेचने के प्रवर्त्तक थे। बाद में वालमार्ट जैसी कंपनियों ने उनका अनुसरण किया।

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वे चेन स्टोर्स और वॉल्यूम रिटेलिंग के दम पर रिटेल साम्राज्य बनाने वाले पहले व्यवसायी थे। फ्रैंक वूलवर्थ चेन स्टोर्स के शुरुआती प्रवर्त्तक थे। 1916 में वूल्वोर्थ के स्टोर्स 70 करोड़ ग्राहकों को सामान बेच रहे थे और वूलवर्थ करोडपति बन चुके थे।

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