एडी डैसलर और रुडोल्फ दैसलर की संघर्ष भरी लाइफ हिस्ट्री

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एडी डैसलर ने बीसवीं सदी की शुरुआत में स्पोर्ट्स शूज पर केन्द्रित एडिडास कंपनी की शुरुआत की ओर एक नए उद्योग की नींव रखी। एडिडास कंपनी की शुरुआत बहुत छोटी थी। एडी डैसलर अपने भाई रुडोल्फ डैसलर के साथ जर्मनी में अपनी माँ के 20 वर्ग मीटर के बाथरूम में जूते बनाते थे। यह 1920 की बात थी।

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वे अपने हाथों से खिलाड़ियों के लिए जूते बनाते थे। डैसलर भाइयों की इस शू कंपनी का नाम था डैसलर ओएचजी। 1927 में उन्होंने अपनी पहली फैक्ट्री खोली, जिसमें 25 कर्मचारी हर दिन 100 जूते बनाते थे। 1931 में डैसलर टेनिस शू बाजार में आए। बहरहाल, डैसलर के जूते तब चमके, जब जेसी ओवेन्स ने उन्हें पहनकर बर्लिन ओलिंपिक में चार गोल्ड मेडल जीते।

 

1948 में दोनों भाइयों में विवाद हो गया, जिसके बाद रुडोल्फ डैसलर ने प्यूमा कंपनी स्थापित की और एडी डैसलर ने एडिडास।

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एडिडास ब्रांड खेल जगत के साथ आम जनता में भी काफी लोकप्रिय हो गया। 1964 के टोकियो ओलिंपिक में 80 प्रतिशत खिलाड़ी एडिडास के जूते पहनकर खेले। जब 1978 में एडी डैसलर की मृत्यु हुई, उस वक़्त एडिडास कंपनी हर साल 4.5 करोड़ जूते बना रही थी।

 

खेल जगत में एडी डैसलर के उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अमेरिकन स्पोर्टिंग गुड्स इंडस्ट्री हॉल ऑफ़ फेम में स्थान दिया गया। यह बहुत बड़ी बात थी, क्योंकि यह सम्मान पहली बार किसी गैर – अमरीकी को मिला था।

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